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    अरावली संरक्षण पर अलवर की राय: नागरिकों की आवाज़ महामहिम राष्ट्रपति तक पहुंचाने का निर्णय

    अरावली संरक्षण पर विचार-संगोष्ठी में पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने जताई गहरी चिंता

    मिशनसच न्यूज, अलवर | अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण को लेकर अलवर की सामूहिक राय और चिंता को स्वर देने के उद्देश्य से वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड रेस्क्यू सेंटर (WRRC) एवं विजन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को “अरावली पर अलवर की राय” विषयक विचार-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले की अनेक गैर-सरकारी संस्थाओं, पर्यावरणविदों, समाजसेवियों, युवाओं और जागरूक नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अरावली एवं क्षेत्रीय पारिस्थितिकी की सुरक्षा को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

    संगोष्ठी में वक्ताओं ने अरावली को प्रभावित करने वाले हालिया कानूनी और नीतिगत निर्णयों के सामाजिक, पर्यावरणीय एवं जलवायु प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों के संदर्भ में अरावली क्षेत्र की सुरक्षा कमजोर होती दिखाई दे रही है, जिसका सीधा असर पर्यावरण संतुलन, जल स्रोतों और स्थानीय जीवन पर पड़ सकता है। वक्ताओं ने माना कि यदि समय रहते प्रभावी संरक्षण के कदम नहीं उठाए गए तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।

    राष्ट्रपति तक पहुंचेगी अलवर की आवाज

    कार्यक्रम में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अलवर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन-पत्रों को संकलित कर निकट भविष्य में महामहिम राष्ट्रपति महोदया तक पहुंचाया जाएगा, ताकि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक अलवर की चिंता और अपेक्षाएं पहुंच सकें।

    इसके साथ ही अरावली संरक्षण के समर्थन में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान शुरू करने की घोषणा की गई। विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों ने इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने और जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

    समाज के हर वर्ग की भागीदारी

    विचार-संगोष्ठी में निर्वाण बोधिसत्व महाराज, राजेश कृष्ण सिद्ध, अनिल कुमार जैन, सूरज राजपूत, भारत शर्मा, कुलदीप शर्मा, अनुभव शर्मा, तारेश जोरवाल, एंकर अमन सतीजा, विजय सिंह, महेंद्र यादव, आनंद सोनी, अशोक शर्मा, हरीश शर्मा, साजन मल्होत्रा, कपिल सैनी, अंकुर सैनी, लोकेश शर्मा, अजय सैनी, युवराज सिंह, पुनीत कटारिया, भीमा, रोमी सहित अनेक सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अरावली संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।

    अरावली अलवर की पहचान और भविष्य

    आयोजन के समापन पर WRRC के अध्यक्ष विवेक जसाईवाल एवं विजन संस्थान के कपिल शर्मा ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि अलवर की पहचान, जीवन और भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरावली की रक्षा के लिए जन-सहभागिता के माध्यम से यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और प्रशासनिक व संवैधानिक स्तर तक अपनी बात मजबूती से रखी जाएगी।

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