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    अलवर के 8 क्षतिग्रस्त स्कूलों के लिए वन राज्यमंत्री संजय शर्मा की अनुशंसा पर 74 लाख रुपये स्वीकृत

    वन राज्यमंत्री संजय शर्मा की अनुशंसा पर अलवर के क्षतिग्रस्त विद्यालयों के लिए 74 लाख रुपये की राशि स्वीकृत

    मिशनसच न्यूज, अलवर। राजस्थान सरकार के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा की अनुशंसा पर अलवर शहर के आठ क्षतिग्रस्त सरकारी विद्यालयों के लिए 74 लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यह सहायता विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को एक सुरक्षित और उपयुक्त शैक्षिक वातावरण मिल सके।

    इन विद्यालयों को मिली राशि

    अलवर शहर में स्थित जिन विद्यालयों के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है, उनमें शामिल हैं:

    1. राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय, नयाबास – ₹10.20 लाख

    2. राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, SMD अलवर – ₹10.20 लाख

    3. राजकीय रामगोपाल खन्ना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय – ₹13 लाख

    4. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भूगोर – ₹10 लाख

    5. राजकीय प्राथमिक विद्यालय, साहबजोड़ा – ₹4.80 लाख

    6. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, पिलखाना – ₹8.40 लाख

    7. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मीणा पाड़ी – ₹8.40 लाख

    8. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर 2 – ₹9 लाख

    यह राशि संबंधित विद्यालयों में छत, दीवार, शौचालय, विद्युत, फर्श व अन्य संरचनात्मक मरम्मत हेतु उपयोग की जाएगी।

    मंत्री ने जताया मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार

    राज्यमंत्री संजय शर्मा ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता और विद्यालयों की मूलभूत संरचना को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उनका यह भी कहना है कि अलवर जैसे शहरी क्षेत्रों में भी कई विद्यालय वर्षों से क्षतिग्रस्त हालात में चल रहे थे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। अब इस स्वीकृति से विद्यार्थियों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

    भविष्य की दिशा में ठोस पहल

    राज्यमंत्री शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में और भी विद्यालयों की मरम्मत एवं विस्तार की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस स्वीकृत राशि का समुचित एवं पारदर्शी तरीके से उपयोग हो, ताकि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे किए जा सकें

    अभिभावकों और शिक्षकों ने जताई खुशी

    विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मरम्मत कार्यों के पूरे होने से बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

    सरकारी शिक्षा व्यवस्था में विश्वास की पुनर्स्थापना

    इस स्वीकृति के माध्यम से सरकार ने यह संदेश दिया है कि शासकीय विद्यालयों की स्थिति सुधारना उसकी प्राथमिकता में शामिल है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मज़बूत होगा।

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