स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश, कलेक्टर ने टीबी मुक्त अभियान पर दिया जोर
अलवर। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेकर चिकित्सा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में जिले की 73 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। जिला प्रशासन की प्रभावी मॉनिटरिंग और चिकित्सा विभाग के निरंतर प्रयासों से इस वर्ष 174 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष बची ग्राम पंचायतों को भी शीघ्र टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए। साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा संस्थानों में व्यवस्थाएं मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी अस्पतालों में 24 घंटे प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच समय पर कराई जाए और लाभार्थी महिलाओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान निर्धारित समय सीमा में किया जाए। उन्होंने एनीमिया की रोकथाम के लिए पीसीटीएस सॉफ्टवेयर में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की समय पर प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित करने और उन्हें उपचार से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी बीसीएमओ और चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्चियों की एंट्री समयबद्ध तरीके से की जाए और चिकित्सा संस्थानों में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दवाओं का समय पर इंडेंट किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी दवा वितरण केंद्रों पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें।
उन्होंने एनटीएनसीडी कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा संचालित एनसीडी पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की रिपोर्ट का समय-समय पर परीक्षण करने के भी निर्देश दिए। जिन ब्लॉकों में योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां के चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने संस्थानों की समीक्षा कर कार्यों की गति बढ़ाने के लिए कहा गया।
जिला कलक्टर ने एचपीवी वैक्सीनेशन, संस्थागत प्रसव, एएनसी टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना और राजश्री योजना सहित अन्य कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेन्द्र कुमार शर्मा ने फरवरी 2026 तक विभागीय कार्यक्रमों और योजनाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेन्द्र कुमार शर्मा, डिप्टी सीएमएचओ (परिवार कल्याण) डॉ. छबील कुमार, डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. महेश बैरवा, आरसीएचओ डॉ. मंजू शर्मा, डॉ. टेकचंद सहित संबंधित अधिकारी, सभी बीसीएमओ और सीएचसी प्रभारी उपस्थित रहे।
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