वेतन विसंगति दूर करने से लेकर OPS और RGHS लाभ तक की मांग, महिला कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम व पीरियड लीव की भी उठी आवाज
अलवर। कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले सोमवार को कर्मचारियों ने अलवर मिनी सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम 23 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपकर लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें लंबित हैं। कई बार सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगें रखीं और सरकार से कर्मचारी हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
वेतन विसंगति दूर करने और केंद्र के समान वेतनमान की मांग
कर्मचारी नेता पुष्पराज शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। संगठन की ओर से सरकार का ध्यान इन मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए प्रदर्शन किया गया है।
23 सूत्रीय मांग-पत्र में कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर कर केंद्र सरकार के समान वेतनमान लागू करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन से जुड़ी विसंगतियों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को उनके कार्य और सेवा अवधि के अनुरूप उचित लाभ मिल सके।
8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर MACP की मांग
कर्मचारियों ने सेवा अवधि से जुड़े लाभों को लेकर भी मांग रखी है। संगठन ने कर्मचारियों को 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर MACP का लाभ देने की मांग की है।
इसके अलावा कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को RGHS के सभी लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई। कर्मचारियों ने अप्रैल 2022 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को OPS का लाभ दिए जाने की मांग भी उठाई।
कर्मचारी कल्याण बोर्ड और सेवानिवृत्ति पर तत्काल भुगतान की मांग
मांग-पत्र में कर्मचारियों के हितों से जुड़ी अन्य मांगों को भी शामिल किया गया है। कर्मचारियों ने कर्मचारी कल्याण बोर्ड की स्थापना करने की मांग की। साथ ही सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशन परिलाभों का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।
कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले पेंशन एवं अन्य परिलाभों के लिए कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर सेवानिवृत्ति के दिन ही लाभ उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
महिला कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और पीरियड लीव की मांग
कर्मचारी संगठन ने महिला कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। मांग-पत्र में महिला कर्मचारियों को साल में 12 दिन वर्क फ्रॉम होम अथवा पीरियड लीव देने की मांग रखी गई।
इसके साथ ही मातृत्व अवकाश के दौरान महिला कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग भी की गई। संगठन का कहना है कि महिला कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए आवश्यक सुविधाएं और सेवा लाभ सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
प्रदर्शन के बाद कर्मचारी प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 23 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


