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    अलवर में सफल सर्जरी से युवती को मिला नया जीवन, राइनोप्लास्टी बनी आत्मविश्वास की वजह

    राजकीय मेडिकल कॉलेज में राइनोप्लास्टी ऑपरेशन की बड़ी सफलता, महानगरों जैसी सुविधा अब अलवर में

    अलवर। राजीव गांधी राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जटिल राइनोप्लास्टी (नाक पुनर्निर्माण) सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। नाक, कान, गला एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. कनक यादव और उनकी टीम ने एक युवती की टेढ़ी एवं असामान्य संरचना वाली नाक का सफल पुनर्निर्माण कर उसे नया आत्मविश्वास प्रदान किया।

    जानकारी के अनुसार युवती की नाक टेढ़ी थी तथा उसकी हड्डी उभरी हुई थी, जिसके कारण उसे सामाजिक और वैवाहिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शारीरिक बनावट को लेकर उसके मन में हीन भावना भी घर कर गई थी। ऐसे में करीब पांच घंटे तक चली जटिल सर्जरी के माध्यम से नाक को सामान्य एवं संतुलित आकार दिया गया। ऑपरेशन के बाद युवती की नाक का स्वरूप बेहतर हुआ और उसका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

    विशेष बात यह रही कि जिस सर्जरी पर निजी अस्पतालों में लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक का खर्च आता है, उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में निःशुल्क किया गया। इस ऑपरेशन में एनेस्थेटिक्स विशेषज्ञ डॉ. नरेश यादव और डॉ. अनीता त्यागी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    क्या है राइनोप्लास्टी?

    राइनोप्लास्टी नाक की संरचना को सुधारने या पुनर्निर्मित करने की विशेष शल्य प्रक्रिया है, जिसे सामान्य भाषा में “नोज रीशेपिंग सर्जरी” भी कहा जाता है। इसका उपयोग केवल सौंदर्य बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि सांस लेने में कठिनाई, जन्मजात विकृतियों, दुर्घटनाओं से हुए नुकसान तथा अन्य चिकित्सकीय कारणों के उपचार में भी किया जाता है।

    किन परिस्थितियों में होती है यह सर्जरी?

    राइनोप्लास्टी सड़क दुर्घटना में नाक की हड्डी टूटने, जन्मजात टेढ़ी नाक, अत्यधिक छोटी या बड़ी नाक, नाक की नोक की विकृति, सांस लेने में परेशानी तथा कैंसर या गंभीर संक्रमण के कारण क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्निर्माण जैसी स्थितियों में की जाती है।

    कैंसर सर्जरी में भी उल्लेखनीय योगदान

    डॉ. कनक यादव केवल राइनोप्लास्टी ही नहीं बल्कि मुंह और गले के कैंसर की सर्जरी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। राजीव गांधी राजकीय मेडिकल कॉलेज में उनकी नियुक्ति के बाद पहली बार इस प्रकार की कैंसर सर्जरी शुरू हुई और अब तक वे 100 से अधिक मरीजों का सफल ऑपरेशन कर चुके हैं। इससे अलवर और आसपास के जिलों के मरीजों को जयपुर सहित अन्य बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।

    इस उपलब्धि से स्पष्ट है कि अलवर का राजकीय मेडिकल कॉलेज अब उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और स्थानीय मरीजों को महानगरों जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

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