अलवर मेवात शिक्षा एवं विकास संस्थान (एमिड) ने प्रो. जुगमंदिर तायल की स्मृति में वार्षिक सम्मान शुरू करने की घोषणा की है। पहला सम्मान प्रो. मोहन श्रोत्रिय को दिया जाएगा। यह सम्मान समाज, संस्कृति, साहित्य और संवैधानिक मूल्यों के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।
मिशनसच न्यूज , अलवर।
अलवर मेवात शिक्षा एवं विकास संस्थान (एमिड) ने घोषणा की है कि समाज, संस्कृति, साहित्य और संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के लिए हर वर्ष “प्रोफेसर जुगमंदिर तायल स्मृति सम्मान” प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान की शुरुआत इस वर्ष से की जा रही है और पहला सम्मान प्रोफेसर मोहन श्रोत्रिय को दिया जाएगा।
एमिड के कार्यकारी निदेशक नूर मोहम्मद ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान प्रोफेसर जुगमंदिर तायल की स्मृति में उनकी जयंती (16 नवंबर) के अवसर पर प्रत्येक वर्ष प्रदान किया जाएगा।
इस सम्मान का उद्देश्य उन व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना है जो समाज, संस्कृति, साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में संवैधानिक आदर्शों, मानवीय मूल्यों तथा वैज्ञानिक और तार्किक दृष्टिकोण को प्रसारित करने में योगदान देते हैं।
एमिड निदेशक ने बताया कि सम्मान स्वरूप ₹21,000 की राशि, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर “प्रोफेसर जुगमंदिर तायल स्मृति व्याख्यान” का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, मानवता और सामाजिक समरसता पर चर्चा की जाएगी।
इस वर्ष के लिए चयन समिति का गठन साहित्यकार जीवन सिंह मानवी की अध्यक्षता में किया गया था, जिसमें पूर्व प्राचार्य नीलाभ पंडित, डॉ. आसीन खान और डॉ. भरत मीना सदस्य रहे।
चयन समिति ने सर्वसम्मति से इस वर्ष के लिए प्रोफेसर मोहन श्रोत्रिय का नाम तय किया।
चयन समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह मानवी ने बताया कि — “प्रोफेसर मोहन श्रोत्रिय न केवल एक शिक्षाविद हैं, बल्कि वे सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों के सशक्त वाहक भी रहे हैं। उन्होंने प्रोफेसर जुगमंदिर तायल के साथ अध्यापन कार्य करते हुए सदैव समानता, धर्मनिरपेक्षता और संवैधानिक भावना को जीवित रखा।”
प्रोफेसर मोहन श्रोत्रिय पेशे से अंग्रेजी के प्राध्यापक रहे हैं और लंबे समय तक शिक्षण के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
वे शिक्षा के लोकतांत्रिक मूल्यों, विचार की स्वतंत्रता और वैज्ञानिक सोच के समर्थक रहे हैं। एमिड द्वारा उन्हें यह सम्मान देना न केवल उनके योगदान का सम्मान है, बल्कि प्रोफेसर जुगमंदिर तायल की विचारधारा को भी आगे बढ़ाने का प्रयास है।
एमिड संस्था ने बताया कि स्मृति सम्मान का उद्देश्य केवल व्यक्तियों को सम्मानित करना नहीं है, बल्कि समाज में तार्किकता, समानता और नैतिक चेतना को सशक्त बनाना भी है।
आगामी 16 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में सम्मान समारोह और व्याख्यान का आयोजन एक ही मंच पर किया जाएगा, जिसमें विभिन्न शिक्षाविद, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।

