मुकेश सोनी , किशनगढ़बास । मोदी सरकार में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री और अलवर से सांसद भूपेंद्र यादव ने अपने पहले साल के कार्यकाल में अलवर के सबसे सक्रिय सांसद के रूप में पहचान बनाई है। चुनाव के समय भले ही विरोधियों ने प्रचार किया था कि “भूपेंद्र यादव जीत गए तो जनता को मिलना भी मुश्किल हो जाएगा”, लेकिन भूपेंद्र यादव ने नवाचारों, सुलभ जनसंपर्क और लगातार उपस्थिति से यह धारणा पूरी तरह गलत साबित कर दी है।
देश-विदेश में व्यस्तता के बावजूद अलवर पर पैनी नजर
केंद्रीय मंत्री होने के नाते देश-विदेश की व्यस्त यात्राओं और बैठकों के बावजूद भूपेंद्र यादव ने अलवर में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और शासकीय कार्यक्रमों में सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की है। उनकी सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भले ही सात समंदर पार हों, लेकिन अलवर की हर हलचल से पूरी तरह अवगत रहते हैं।
जनसंपर्क के लिए सांसद सेवा केंद्र
सांसद बनने के बाद उन्होंने अलवर, भिवाड़ी और खैरथल में ‘सांसद सेवा केंद्र’ स्थापित किए, जहाँ स्थानीय कर्मचारियों की नियुक्ति कर आमजन से नियमित संवाद सुनिश्चित किया गया। इससे उनके दौरे पर रहने के बावजूद जनता के काम रुकने नहीं दिए गए। उनकी इस व्यवस्था और मिलनसार कार्यशैली की आमजन में खूब सराहना हो रही है।
‘फिट इंडिया-हिट इंडिया’ से ‘संपर्क संवाद यात्रा’ तक
प्रधानमंत्री मोदी के “फिट इंडिया-हिट इंडिया” अभियान को आगे बढ़ाते हुए यादव ने ‘सांसद खेल उत्सव’ जैसे आयोजनों से हजारों युवाओं को जोड़ा, शहर से गांव तक मैराथन और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कीं। इसके बाद ‘सांसद संपर्क संवाद यात्रा’ के माध्यम से वे हर पंचायत तक पहुँचे।
इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने एक पंचायत में आसपास की 5 पंचायतों के ग्रामीणों को जोड़कर, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही, मौके पर उपस्थित अधिकारियों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान कराया। सीधा संवाद, समय पर समाधान और लोगों तक सीधी पहुंच—यही इस यात्रा की विशेषता बनी।
विरोधियों को मिला मुंहतोड़ जवाब
जो विरोधी कभी उनके ‘न दिखाई देने’ की आशंका जताते थे, आज उनकी निरंतर सक्रियता, जनसंवाद और नवाचार देखकर हैरान हैं। भूपेंद्र यादव ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक सांसद नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि हैं जो अलवर के हर वर्ग से जुड़े हुए हैं।


