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    किशनगढ़बास में पार्कों की बदहाली पर उठे सवाल, वार्ड 17 में टूटे झूले और गंदगी; 25 वार्डों के पार्कों की जांच की मांग

    बच्चों के पार्कों में खेलने की जगह पर कुत्तों का जमावड़ा, रखरखाव बजट की समीक्षा और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की उठी आवाज

    किशनगढ़बास। शहर के वार्ड 17 स्थित रैणी मोहल्ले के पार्क की बदहाल स्थिति ने नगर पालिका की देखरेख व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। बच्चों के खेलने के लिए बनाया गया यह पार्क करीब पांच साल बाद भी बदहाली से जूझ रहा है। पार्क में गंदगी फैली है, झूले टूटकर जमीन पर पड़े हैं, बैठने वाली कुर्सियों पर मिट्टी जमी है और जगह-जगह कचरा व जानवरों की गंदगी दिखाई देती है। घास भी खराब हो चुकी है। ऐसे हालात में बच्चों की आवाजाही कम और कुत्तों का जमावड़ा अधिक नजर आने की बात सामने आई है।

    मुद्दा केवल वार्ड 17 के एक पार्क तक सीमित नहीं है। शहर के अन्य पार्कों की स्थिति और उनके रखरखाव पर भी सवाल उठ रहे हैं। मांग की जा रही है कि नगर पालिका के सभी 25 वार्डों में बने पार्कों की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

    पार्कों के रखरखाव बजट पर उठे सवाल

    पार्कों की सफाई, सौंदर्यीकरण, माली और मरम्मत के लिए होने वाले खर्च की समीक्षा की मांग की गई है। सवाल उठाया गया है कि यदि हर साल रखरखाव के नाम पर बजट खर्च हो रहा है, तो पार्कों में सफाई, हरियाली और बच्चों के खेलने की सुविधाएं क्यों नजर नहीं आतीं? टूटे झूलों की मरम्मत तक नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    हालांकि, बजट में कितना पैसा स्वीकृत हुआ और वास्तव में कितना खर्च किया गया, इसका निष्कर्ष संबंधित अभिलेखों और मौके पर जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। इसलिए पार्कों के रखरखाव पर हुए खर्च और किए गए कार्यों का मिलान कराने की मांग उठाई गई है।

    सभी 25 वार्डों में भौतिक जांच कराने की मांग

    शहर के प्रत्येक पार्क की स्थिति जानने के लिए एक समिति बनाने का सुझाव दिया गया है। इसमें पार्षदों के साथ आम नागरिकों को भी शामिल करने की मांग है। समिति सभी पार्कों का निरीक्षण कर उनकी तस्वीरों और वीडियो सहित रिपोर्ट तैयार करे।

    रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाए कि नगर पालिका ने कितने पार्क बनाए, उनमें से कितने उपयोग की स्थिति में हैं, कहां सफाई और मरम्मत की जरूरत है तथा कहां झूले, बैठने की व्यवस्था और हरियाली खराब हालत में हैं। यदि जांच में बजट खर्च होने के बावजूद काम नहीं होने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई और वसूली पर विचार किया जाए।

    नए अध्यक्ष और ईओ से वार्ड 17 से शुरुआत की उम्मीद

    नगर पालिका अध्यक्ष विश्वास यादव और अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा से अपेक्षा जताई गई है कि वे वार्ड 17 के रैणी मोहल्ले के पार्क से सुधार की शुरुआत करें। पार्क की नियमित सफाई कराई जाए, टूटे झूलों को हटाकर उनकी मरम्मत या नए झूले लगाने की व्यवस्था हो और बैठने की जगहों को भी साफ कराया जाए।

    इसके साथ ही पार्क में एक सूचना पट्ट लगाया जाए, जिस पर रखरखाव के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम और शिकायत दर्ज कराने का संपर्क नंबर लिखा हो। इससे लोगों को समस्या बताने में आसानी होगी और जिम्मेदारी भी स्पष्ट रहेगी।

    बच्चों और बुजुर्गों के लिए जरूरी हैं पार्क

    पार्क केवल खाली जमीन या सौंदर्यीकरण का साधन नहीं हैं। ये बच्चों के खेलने, बुजुर्गों के समय बिताने और महिलाओं के सुबह-शाम टहलने के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल हैं। इनकी बदहाली का सीधा असर शहरवासियों की सुविधा और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है।

    यदि नगर पालिका शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना चाहती है, तो पार्कों की नियमित सफाई, मरम्मत और देखरेख को प्राथमिकता देनी होगी। अब देखना होगा कि वार्ड 17 की समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और पूरे शहर के पार्कों की स्थिति सुधारने के लिए कब तक ठोस कार्रवाई होती है।

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