मकर संक्रांति पर सेवा का संकल्प, सपेरा बस्ती में दिखी संवेदना और सामाजिक सरोकार की मिसाल
मिशनसच न्यूज, किशनगढ़ बास। किशनगढ़ बास क्षेत्र में ठंड के बढ़ते प्रकोप के बीच जरूरतमंदों के लिए राहत और संवेदना का प्रेरक दृश्य देखने को मिला। राव फाउंडेशन संस्था की ओर से गांव मोठूका की सपेरा बस्ती में गरीब, असहाय, वृद्ध एवं बेसहारा लोगों को कंबल वितरित किए गए। मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में संस्था द्वारा 100 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित कर मानवीय सरोकार की मिसाल पेश की गई।
कार्यक्रम के दौरान सपेरा बस्ती में उत्साह और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर राहत और संतोष की झलक साफ दिखाई दी। सर्द रातों में यह सहायता उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रही।
ठंड में बेसहारा लोगों की मदद समाज की सामूहिक जिम्मेदारी – पारुल राव
राव फाउंडेशन के अध्यक्ष पारुल राव ने कंबल वितरण के दौरान कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि सेवा और परोपकार का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा, “ठंड के मौसम में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम सब मिलकर थोड़ी-थोड़ी मदद करें, तो कोई भी व्यक्ति ठंड से पीड़ित नहीं रहेगा।”
उन्होंने बताया कि राव फाउंडेशन लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और गरीबों की सहायता जैसे क्षेत्रों में संस्था निरंतर सक्रिय है। भविष्य में भी ऐसी जनकल्याणकारी पहल जारी रखने का संकल्प संस्था द्वारा लिया गया है।
सपेरा बस्ती में पहुंची राहत की गर्माहट
गांव मोठूका की सपेरा बस्ती में अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। सर्द मौसम में इनके पास पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण ठंड बड़ी समस्या बन जाती है। ऐसे में राव फाउंडेशन द्वारा कंबल वितरण से बस्तीवासियों को बड़ी राहत मिली है।
स्थानीय लोगों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाजसेवी संस्थाओं द्वारा किया गया यह कार्य जरूरतमंदों के जीवन में गर्माहट और सुरक्षा दोनों प्रदान करता है।
संस्था पदाधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर राव फाउंडेशन के अध्यक्ष पारुल राव के साथ
उपाध्यक्ष चंद्रशेखर यादव,
सचिव भव्य प्रताप सिंह राव,
कोषाध्यक्ष सोमदत्त शर्मा,
सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और उनसे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के वंचित वर्ग की सेवा ही सच्चा मानव धर्म है और संस्था आगे भी ऐसे सेवा कार्यों को प्राथमिकता देगी।
मकर संक्रांति पर सेवा का संदेश
कार्यक्रम में मकर संक्रांति पर्व की विशेष झलक भी देखने को मिली। लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और सेवा कार्य को त्योहार की सच्ची भावना बताया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस पहल को सराहा और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
सामाजिक सहभागिता से मजबूत होता समाज
इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जब समाजसेवी संस्थाएं और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करते हैं, तो जरूरतमंदों तक वास्तविक सहायता पहुंचती है। राव फाउंडेशन की यह पहल न केवल तात्कालिक राहत है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रेरक उदाहरण भी है।
भविष्य में भी जारी रहेगी सेवा यात्रा
कार्यक्रम के अंत में संस्था द्वारा यह संकल्प लिया गया कि सर्दी, गर्मी या किसी भी विपरीत परिस्थिति में जरूरतमंदों की सहायता के लिए राव फाउंडेशन सदैव तत्पर रहेगा। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए भी आगामी समय में विशेष योजनाएं संचालित की जाएंगी।
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