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    खाली प्लाट सालों से बना कचरापात्र , सड़क पर फैलता कचरा बदबू से राहगीरों का निकलना दुश्वार

    वार्ड 17 खुराना चौक का खाली प्लॉट कचरा बढ़ने पर लगा दी जाती है आग, जहरीले धुएं से बीमारी फैलने का खतरा, पार्षद चैयरमेन व ईओ से कार्रवाई की मांग

    किशनगढ़ बास। नगर पालिका के वार्ड नंबर 17 के खुराना चौक के पास की गली का खाली प्लॉट आज का कचराघर नहीं, सालों पुराना कचरापात्र बना हुआ है। यह समस्या आज की नहीं, कई वर्षों से चली आ रही है, पुराने वार्ड पार्षद ओर नगर पालिका अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया उसी का नतीजा है। वैसे वार्ड की नई पार्षद भारती को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है इसलिए उन्हें दौषी नहीं ठहराया जा सकता है।

    तस्वीर चीख-चीख कर कह रही है – ‘मुझ पर तरस खाओ, मैं रास्ता हूं, कचरा घर नहीं’। घर-घर दीपावली की सफाई चल रही है, लोग अपने घर चमका रहे हैं और कचरा लाकर इसी खाली प्लॉट में फेंक रहे हैं। सुबह से शाम तक सैकड़ों लोग यहां से गुजरते हैं, नाक बंद कर कोसते हुए निकल जाते हैं।

    इस हालत के लिए नगर पालिका को सीधे दोषी नहीं ठहराया जा सकता। घर-घर कचरा संग्रह गाड़ी रोज आ रही है, सफाई कर्मचारी रोज आ रहा है। फिर भी कुछ लोगों ने खाली जगह देखकर इसे स्थाई कचरा पात्र बना रखा है। यह हमारी गंदी आदत और नगर पालिका की ओर से एक्शन नहीं लिए जाने का नतीजा है।

    जब इस प्लॉट पर ज्यादा कूड़ा इकट्ठा हो जाता है तो जिम्मेदारी से हटाने के बजाय इसमें आग लगा देते हैं। कचरे में पड़ी प्लास्टिक, पॉलीथीन और गंदगी से निकलने वाला जहरीला धुआं पूरे मोहल्ले में फैल जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। दमा, सांस और आंखों की बीमारी को न्योता देने वाली यह आग स्वच्छता अभियान पर भी कालिख पोत रही है।

    इस कचरा प्लॉट के सबसे ज्यादा शिकार मोहल्ले के छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं। कचरे से उठती बदबू और मक्खी-मच्छरों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। शाम होते ही जहरीले धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोगों को अपने घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करनी पड़ती हैं।

    सबसे दुखद बात यह है कि इस कचरा पॉइंट से महज 10 कदम की दूरी पर मुरली मनोहर ठाकुर जी महाराज का मंदिर स्थित है। मंदिर में अक्सर भजन-कीर्तन का आयोजन होता रहता है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होती हैं। लेकिन कूड़े के ढेर से निकलने वाली दुर्गंध पूरे भक्तिमय वातावरण को खराब कर देती है। एक तरफ मंदिर में भजन के स्वर गूंजते हैं, दूसरी तरफ कचरे की बदबू भक्ति में खलल डालती है। यह आस्था का भी अपमान है। ऐसे ही हालात नजदीक के शिव मंदिर के पास भी बने हुए हैं।

    वार्ड पार्षद और नगर पालिका से मांग है कि मंदिर की पवित्रता और मोहल्ले के स्वास्थ्य को देखते हुए इस प्लॉट की स्थाई सफाई कराई जाए, यहां कचरा फेंकने पर जुर्माना और चेतावनी बोर्ड लगाया जाए।

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