भूख हड़ताल के चौथे दिन छात्रों ने खून से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई अपनी मांग, छात्रसंघ चुनाव और राजस्थानी भाषा को लेकर उठाई आवाज
अलवर। छात्रसंघ चुनावों की बहाली और राजस्थानी भाषा को राजभाषा का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आरआर सर्किल पर चल रही छात्रों की भूख हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही। आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
धरना दे रहे छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार ज्ञापन सौंपे और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन भी किया, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छात्रों का आरोप है कि लगातार अनदेखी के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। उनका कहना है कि छात्रसंघ न केवल छात्रों के नेतृत्व कौशल को विकसित करता है, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं को उचित मंच भी उपलब्ध कराता है। इसी वजह से छात्रसंघ चुनावों को जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
छात्रों ने राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और उसे राजभाषा का दर्जा देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यह भाषा राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और गौरव से जुड़ी हुई है।
धरना स्थल पर कांग्रेस के युवा नेता दीनबंधु शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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