पांच दिवसीय आयोजन का हुआ समापन, राजऋषि अभय समाज से निकली भव्य गणपति शोभायात्रा में झांकियों ने मोहा मन; एसएमडी सर्किल पर हुआ भंडारा
अलवर। श्री गणपति महोत्सव समिति की ओर से गणेश चतुर्थी के अवसर पर पिछले 26 वर्षों से आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय कार्यक्रमों का शुक्रवार को विधिवत समापन हो गया। पांचवें और अंतिम दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना, महाआरती, प्रवचन और भव्य शोभायात्रा के बाद सिलीसेढ़ में गणपति प्रतिमा के विसर्जन के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।
पूजा-अर्चना और प्रवचन के बाद निकली शोभायात्रा
अंतिम दिन सुबह श्री राजऋषि अभय समाज रघु मंच पर भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
महाआरती के बाद स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज ने प्रवचन दिए। उन्होंने धार्मिक आस्था और भगवान गणेश के जीवन दर्शन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। इसके बाद श्री राजऋषि अभय समाज से भगवान गणेश की भव्य शोभायात्रा रवाना हुई।
बैंड-बाजे और झांकियों ने बढ़ाई शोभा
गाजे-बाजे और डीजे की धुन के साथ निकली शोभायात्रा में भगवान गणेश के जीवन दर्शन एवं धार्मिक प्रसंगों को दर्शाती विभिन्न झांकियां शामिल रहीं। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती शोभायात्रा में महिला-पुरुष श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए।
श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे लगाते हुए भक्ति में झूमते नजर आए। शोभायात्रा के दौरान शहर का माहौल गणेश भक्ति से सराबोर रहा।
समिति अध्यक्ष अविनाश गुप्ता, मेहर चंद गुप्ता, सचिन, रविंद्र गर्ग, राकेश शर्मा, अंजलि खंडेलवाल सहित समिति से जुड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल रहे।
एसएमडी सर्किल पर हुआ भंडारा
शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एसएमडी सर्किल पहुंची। यहां श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को वाहनों के माध्यम से सिलीसेढ़ ले जाया गया।
समिति के सचिव रविंद्र गर्ग ने बताया कि इस बार जयसमंद में पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण गणपति प्रतिमा का विसर्जन सिलीसेढ़ में उपरा के समीप पानी में किया गया।
26 वर्षों से जारी है पांच दिवसीय आयोजन
समिति सचिव ने बताया कि गणेश चतुर्थी के अवसर पर समिति की ओर से पिछले 26 वर्षों से पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में प्रतिदिन सुबह भगवान गणेश की पूजा-अर्चना, दिन में महिलाओं द्वारा भक्ति संगीत और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस वर्ष भी पांच दिनों तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अंतिम दिन पूजा-अर्चना और महाआरती के बाद स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज के प्रवचन हुए और फिर शोभायात्रा निकाली गई।
सिलीसेढ़ में प्रतिमा विसर्जन के साथ ही पांच दिवसीय गणपति महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।
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