ग्रामीण सेवा शिविर में मिली राहत, भूमि खाता विभाजन के बाद लाभार्थियों को सौंपी गई नई जमाबंदी
अलवर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में जिलेभर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीणों की राजस्व एवं प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में रामगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत मूनपुर में आयोजित शिविर में वर्षों से लंबित भूमि खाता विभाजन का मामला आपसी सहमति से निस्तारित किया गया।
शिविर के दौरान रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रविंद्र गौरव सालुखे ने ग्राम नंगलीमेघा निवासी दर्शन सिंह और बलजीत सिंह को भूमि विभाजन के बाद संशोधित जमाबंदी दस्तावेज प्रदान किए।
लाभार्थियों ने बताया कि भूमि संयुक्त खाते में दर्ज होने के कारण प्रत्येक हिस्सेदार के हिस्से की स्पष्ट जानकारी राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं थी। लंबे समय से भूमि का विधिवत बंटवारा कराने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन प्रक्रिया की जटिलता, जानकारी के अभाव और समय पर कार्रवाई नहीं होने से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। इससे राजस्व संबंधी कार्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीण सेवा शिविर में उपखंड अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने के बाद राजस्व अधिकारियों ने मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर भूमि का आपसी सहमति से विभाजन कराया और नई जमाबंदी उपलब्ध कराई। इससे वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया और दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव भी समाप्त हो गया।
दर्शन सिंह और बलजीत सिंह ने कहा कि शिविर में बिना किसी अनावश्यक देरी के कार्य पूरा होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।
प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से राजस्व संबंधी मामलों का त्वरित निस्तारण कर नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही राहत प्रदान की जा रही है, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


