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    चुनावी वाहनों के लिए पेट्रोल-डीजल का रिजर्व स्टॉक अनिवार्य, अलवर में पेट्रोल पंपों को आदेश जारी

    चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक 3 हजार लीटर डीजल और 2 हजार लीटर पेट्रोल सुरक्षित रखना होगा, वैध कूपन पर ही मिलेगा ईंधन

    अलवर। पंचायत आम चुनाव एवं नगरीय निकाय चुनाव-2026 को देखते हुए अलवर जिले में निर्वाचन कार्यों के लिए ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशानुसार जिले के सभी पेट्रोल एवं डीजल खुदरा विक्रय केंद्रों यानी पेट्रोल पंपों को निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक न्यूनतम सुरक्षित ईंधन भंडार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    जिला रसद अधिकारी (पीओएल) प्रकोष्ठ की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक पेट्रोल पंप को अपने भूमिगत टैंकों एवं स्टॉक में 3 हजार लीटर हाई स्पीड डीजल तथा 2 हजार लीटर मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) का न्यूनतम रिजर्व अनिवार्य रूप से रखना होगा। यह रिजर्व स्टॉक केवल निर्वाचन कार्य में लगे वाहनों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

    वैध कूपन पर ही जारी होगा चुनावी कोटे का ईंधन

    आदेश के अनुसार निर्वाचन के लिए आरक्षित ईंधन का वितरण केवल जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा संबंधित रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) या परिवहन/ईंधन प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी द्वारा अधिकृत हस्ताक्षर से जारी मूल कूपन प्रस्तुत करने पर ही किया जा सकेगा। बिना वैध कूपन के निर्वाचन कोटे से पेट्रोल या डीजल जारी नहीं किया जाएगा।

    पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया गया है कि कूपन के आधार पर उपलब्ध कराए गए प्रत्येक ईंधन का अलग रजिस्टर में रिकॉर्ड रखा जाए। इसमें वाहन नंबर, चालक का नाम एवं हस्ताक्षर, कूपन नंबर, ईंधन की मात्रा, तारीख और समय स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा।

    प्रयुक्त मूल कूपनों को बिल के साथ संलग्न करने के लिए सुरक्षित रखना होगा। निर्वाचन कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित बिल और कूपन जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा प्रभारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे।

    रिजर्व कम होने पर तत्काल रिफिल कराने के निर्देश

    प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि निर्वाचन के लिए निर्धारित रिजर्व स्टॉक उपयोग में आने लगे तो संबंधित तेल कंपनी से समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर दोबारा ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।

    किसी पेट्रोल पंप पर ड्राई आउट यानी ईंधन समाप्त होने की स्थिति बनने की संभावना हो तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं परिवहन प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी को देनी होगी।

    इसके साथ ही जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पर्याप्त मात्रा में डीजल, पेट्रोल एवं लुब्रिकेटिंग ऑयल का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी अधिकारी द्वारा वाहन संख्या अंकित करते हुए जारी किए गए हस्ताक्षरित प्राधिकृत दस्तावेज के आधार पर निर्वाचन कार्य में लगे वाहनों को तत्काल ईंधन उपलब्ध कराना होगा।

    आदेश की अवहेलना पर होगी कार्रवाई

    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना करने, निर्धारित स्टॉक छिपाने अथवा निर्वाचन कार्य में शिथिलता या असहयोग करने की स्थिति में संबंधित पेट्रोल पंप संचालक या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ऐसी स्थिति में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 167 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    प्रशासन का यह कदम पंचायत आम चुनाव एवं नगरीय निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन वाहनों के लिए ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि चुनावी तैयारियों, मतदान एवं अन्य निर्वाचन संबंधी गतिविधियों में परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो।

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