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    चुनाव आते ही शिलान्यास और घोषणाओं की राजनीति तेज हो जाती है, लेकिन आमजन को स्थायी समाधान नहीं मिलता- जूली

    तीन साल में पहले शिलान्यास पर उठाए सवाल, दो मंत्रियों की मौजूदगी के बावजूद बदहाल सड़क का दावा

    अलवर। सरिस्का-भर्तृहरि बाबा रोड के कुशालगढ़ से थैंक्यू बोर्ड तक प्रस्तावित विकास कार्य को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार के करीब तीन साल के कार्यकाल में अब जाकर इस सड़क का शिलान्यास किया जा रहा है, जबकि जिस सड़क के विकास कार्य का शिलान्यास किया जा रहा है, उसकी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) तक नहीं आई है।

    जूली ने दावा किया कि सड़क का पहले से बना करीब 30 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने सड़क की स्थिति को लेकर विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठाए तथा पूरे मामले की जांच की मांग से जुड़े सवाल सरकार के सामने रखे।

    नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों को लेकर दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने सड़क की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए इसमें कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंका भी जताई।

    जूली ने कहा कि सरिस्का क्षेत्र से जुड़े एलिवेटेड रोड और ट्रेनों के ठहराव जैसे मुद्दों पर भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके अनुसार चुनाव के समय शिलान्यास और घोषणाओं पर जोर बढ़ जाता है, जबकि आमजन से जुड़े स्थायी समाधान के सवाल बने रहते हैं।

    उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कौन करेगा, एनओसी के बिना प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ी और पहले से बनी सड़क के खराब होने के लिए जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।

    गौरतलब है कि राजस्थान के वर्ष 2026-27 के बजट दस्तावेज में कुशालगढ़ तिराहे से थैंक्यू बोर्ड वाया भर्तृहरि सड़क का 15 किलोमीटर का कार्य दर्ज है, जिसकी लागत 20 करोड़ रुपये बताई गई है।

    जूली के आरोपों पर सरकार या संबंधित विभाग की ओर से अलग पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

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