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    जंतर मंतर पर यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन में अलवर से भी शामिल हुए लोग

    प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया, संगठनों ने सरकार पर लगाए आरोप
    नई दिल्ली। रामलीला मैदान और जंतर मंतर क्षेत्र में 8 मार्च को यूजीसी से जुड़े मुद्दों के विरोध में सर्व समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।  इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग बस, ट्रेन और निजी साधनों से दिल्ली पहुंचे। अलवर से भी हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए परंतु ज्यादतर को हरियाणा के आसपास ही रोक लिया गया।

    उधर राष्ट्रीय  सवर्ण दल के राजस्थान प्रदेश संरक्षक राजगढ़ निवासदेशबंधु जोशी ने बताया कि सरकार  प्रशासनिक ताकत का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण सामान्य वर्ग के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है और उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि मंडल आयोग के समय से ही सामान्य वर्ग के हितों को प्रभावित किया गया और इसके बाद विभिन्न सरकारों द्वारा कई संवैधानिक संशोधन किए गए। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार द्वारा यूजीसी से संबंधित कानूनों में किए गए बदलाव से सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

    जोशी ने बताया कि कार्यक्रम का समय दोपहर 12 बजे तय किया गया था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस द्वारा कई लोगों को पकड़कर अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में भेज दिया गया।

    उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को पकड़ते समय धक्का-मुक्की और बदतमीजी भी की गई। यहां तक कि कई पत्रकारों के गले में लगे प्रेस कार्ड भी छीन लिए गए। इस घटना से कार्यक्रम में पहुंचे लोगों में नाराजगी देखी गई।इस दौरान राष्ट्रीय सवर्ण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर.सी. गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार विरोध से डर रही है और इसी कारण प्रदर्शन की अनुमति को अचानक निरस्त कर दिया गया।

    आजाद पांच भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राणा ठाकुर ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार यूजीसी विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इसका राजनीतिक असर आने वाले चुनावों में दिखाई दे सकता है।

    प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कई लोगों ने सरकार के इस रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। कार्यक्रम में पहुंचे कई लोग इस घटनाक्रम के बाद निराश और आक्रोशित दिखाई दिए।

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