More
    Homeराजस्थानजयपुरझोटवाड़ा के श्री नमिनाथ जिनालय में संस्कारों की पाठशाला शुरू, 8 दिवसीय...

    झोटवाड़ा के श्री नमिनाथ जिनालय में संस्कारों की पाठशाला शुरू, 8 दिवसीय शिविर में उमड़ा उत्साह

    मुंबई से आए विद्वान गुरुजनों के सान्निध्य में बच्चों को मिल रहा धार्मिक प्रशिक्षण और जीवन संस्कार

    जयपुर। श्री नमिनाथ जिनालय में रविवार 24 मई से 8 दिवसीय धार्मिक संस्कार शिविर का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। शिविर का उद्घाटन दीनदयाल जैन एवं परिवार द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिविरार्थियों को उपहार वितरित कर बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया गया।

    संघ के अध्यक्ष महेश जैन ने बताया कि शिविर में बच्चों को धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पद्धति एवं नैतिक जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। साथ ही बच्चों को आपसी व्यवहार, अनुशासन एवं संस्कारों से जोड़ने के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि शिविर में प्रशिक्षण देने के लिए मुंबई से प्रसिद्ध विद्वान शिक्षक धर्मेन्द्र गुरुजी एवं ध्रुव गुरुजी को आमंत्रित किया गया है, जो बच्चों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों की जानकारी दे रहे हैं।

    संघ के मंत्री क्रांति कुमार जैन ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिदिन बच्चों के लिए ‘मस्ती की पाठशाला’, नवकारसी एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही शिविरार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए रोजाना उपहार भी वितरित किए जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि शाम के समय बड़ों के लिए अलग से धार्मिक एवं आध्यात्मिक कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। आने वाले दिनों में पालीताणा एवं अन्य तीर्थों की भाव यात्रा तथा मातृ-पितृ वंदावली कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

    संघ के अर्थमंत्री कृष्ण कुमार जैन ने शिविर में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं एवं समाजजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि शिविर का समापन समारोह 31 मई को आयोजित होगा, जिसमें सभी लाभार्थियों एवं शिविरार्थियों का सम्मान किया जाएगा।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here