अस्पताल प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में गंभीर आरोप, संवेदनशील वार्ड में ड्यूटी को लेकर भी जताई चिंता
अलवर। जिला चिकित्सालय में संविदा पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में आने के आरोप को लेकर राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। महासंघ ने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि शिकायत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद करीब एक महीने बाद भी कर्मचारी के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
12 अगस्त की रात की घटना का आरोप
महासंघ के अनुसार 12 अगस्त 2026 की रात वार्ड बॉय मुरली सेन आइसोलेशन वार्ड में रात्रि ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में आया था। इस संबंध में वार्ड में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर पुष्पराज शर्मा ने लिखित शिकायत की थी।
शिकायत के बाद कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी गई और कर्मचारी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। महासंघ के अनुसार 13 अगस्त को मुरली सेन को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।
पूर्व शिकायतों का भी ज्ञापन में उल्लेख
कर्मचारी महासंघ ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि मुरली सेन के खिलाफ पूर्व में भी महिला से छेड़खानी के आरोप लगे थे। संगठन के अनुसार उस मामले के बाद कर्मचारी को चिकित्सालय से हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उसे दोबारा काम पर रखा गया।
महासंघ ने वर्तमान मामले को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में आने के आरोप के बावजूद कर्मचारी को आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में ड्यूटी दी जा रही है, जहां गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं।
एक महीने बाद दोबारा सौंपा ज्ञापन
संगठन का कहना है कि 13 अगस्त को कर्मचारी के खिलाफ लिखित शिकायत देने के बावजूद करीब एक महीने तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर महासंघ की जिला इकाई ने दोबारा प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व नर्सिंग जिला अध्यक्ष पुष्पराज ने बताया कि 12 अगस्त को घटना होने के बाद 13 अगस्त को कर्मचारी को हटाने के लिए लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि करीब एक महीने बीतने के बाद संगठन ने दोबारा ज्ञापन दिया है और आने वाले समय में प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने आरोपी कर्मचारी को तत्काल सेवा से हटाने की मांग भी रखी है।
महासंघ ने चिकित्सालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
पीएमओ बोले—जांच के बाद नियमानुसार होगी कार्रवाई
मामले में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी प्रवीण शर्मा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले को लेकर चिकित्सालय प्रशासन की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर नजर है। कर्मचारी महासंघ की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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