चंद्रप्रभु दिगंबर जैन कन्या महाविद्यालय तिजारा की बीएससी प्रथम व द्वितीय व तृतीय वर्ष का राज ऋषि भृर्तहरि मत्स्य विश्वविद्यालय अलवर द्वारा परीक्षा परिणाम रोके जाने से नाराज कॉलेज की छात्रों ने धरना प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सोपा।
तिजारा। राजस्थान के तिजारा कस्बे में स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने बीएससी प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष का परीक्षा परिणाम रोके जाने के विरोध में गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकालकर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय अलवर द्वारा कॉलेज की करीब 150 छात्राओं का परीक्षा परिणाम रोक दिया गया है। इससे नाराज छात्राओं ने विरोध जताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही की वजह से उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
धरना प्रदर्शन और पैदल मार्च
बीएससी की छात्राओं ने तिजारा में कॉलेज से लेकर एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च किया और रास्तेभर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि परीक्षाएं संपन्न करवाने के बावजूद विश्वविद्यालय ने कॉलेज की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं ली, जिससे अब परिणाम जारी नहीं किए जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं की मांग
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने बताया कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा दी, लेकिन परिणाम घोषित नहीं होने के कारण वे अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रही हैं। प्रवेश फॉर्म भरने की अंतिम तारीख भी नजदीक है और समय पर रिजल्ट नहीं आने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र खराब होने का खतरा बन गया है।
प्रबंधन और यूनिवर्सिटी पर लापरवाही का आरोप
छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान चंद्रप्रभु दिगंबर जैन कन्या महाविद्यालय प्रबंधन समिति पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने समय रहते जरूरी एनओसी नहीं ली, जबकि यूनिवर्सिटी ने परीक्षा करवा दी। अब एनओसी के अभाव में रिजल्ट अटका हुआ है, जिससे छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया है।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद छात्राओं ने एसडीएम संजीव कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसडीएम ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उच्च शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय के कुलपति और कॉलेज प्रबंधन को भिजवाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि शीघ्र ही रिजल्ट जारी करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
क्यों अटका है रिजल्ट?
मामले की जानकारी में सामने आया कि कॉलेज को अभी तक यूनिवर्सिटी की ओर से एनओसी जारी नहीं हुई है। जबकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा आयोजित करवाई जा चुकी है। यह मामला उच्च शिक्षा निदेशालय, जयपुर में प्रक्रियाधीन है। इसी कारण विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणाम रोक रखा है।
कॉलेज प्राचार्य का पक्ष
चंद्रप्रभु दिगंबर कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य मंजू सिंह ने कहा कि 2016 में कॉलेज में बीएससी (विज्ञान वर्ग) शुरू किया गया था। हर साल की तरह इस बार भी अस्थाई मान्यता का रिन्युअल और एनओसी के लिए सभी दस्तावेज उच्च शिक्षा निदेशालय जयपुर को भेज दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य सरकार के शिक्षा कानून में संशोधन के चलते प्रक्रियाओं में देरी हुई है। प्राचार्य ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि कॉलेज प्रशासन एनओसी जारी करवाने और परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी करवाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
छात्राओं की पीड़ा
छात्राओं ने मीडिया को बताया कि बिना परिणाम आए वे नई कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रही हैं। कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय के बीच की प्रक्रिया में देरी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। कई छात्राओं के घरवालों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई।
निष्कर्ष
तिजारा के इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही को उजागर किया है। छात्राएं परीक्षा देने के बाद भी अपने परिणाम के इंतजार में परेशान हैं। प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग को इस मामले में तत्परता दिखाकर जल्द समाधान करना चाहिए ताकि छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।


