पंचायतीराज चुनावों में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर जागृति मंच ने सौंपा ज्ञापन, पुनर्विचार नहीं होने पर बहिष्कार की चेतावनी
थानागाजी। पंचायतीराज चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण निर्धारण को लेकर थानागाजी क्षेत्र में विरोध सामने आया है। सोमवार को ओबीसी जागृति मंच की ओर से मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी अरविंद कविया को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें आरक्षण निर्धारण के लिए किए गए सर्वे और प्रस्तुत आंकड़ों की दोबारा समीक्षा कराने के साथ आवश्यकतानुसार पुनः सर्वे एवं लॉटरी प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई।
ज्ञापन में मंच की ओर से कहा गया कि आरक्षण निर्धारण के लिए प्रस्तुत आंकड़ों और सर्वे को लेकर ओबीसी समाज में आपत्तियां एवं असंतोष है। मंच ने मांग की कि आंकड़ों में किसी प्रकार की त्रुटि, कमी अथवा वास्तविक स्थिति से भिन्नता होने पर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में दोबारा सर्वे कर वास्तविक स्थिति के आधार पर आरक्षण का निर्धारण किया जाए।
21 प्रतिशत आरक्षण के अनुरूप प्रतिनिधित्व की मांग
ओबीसी जागृति मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि ओबीसी वर्ग के लिए निर्धारित 21 प्रतिशत आरक्षण के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि थानागाजी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को करीब 3 से 4 प्रतिशत ही आरक्षण मिलने की स्थिति बनी है। इसी को लेकर समाज में असंतोष है।
मंच ने मांग की कि राजस्थान में जिन क्षेत्रों में ओबीसी वर्ग की आरक्षित सीटों में कमी होने की बात सामने आई है, वहां आरक्षण प्रक्रिया की पुनः समीक्षा की जाए। आवश्यकता के अनुसार नए सिरे से लॉटरी कराकर निर्धारित आरक्षण के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में रखीं चार प्रमुख मांगें
ओबीसी जागृति मंच की ओर से मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें ओबीसी आरक्षण के लिए प्रस्तुत आंकड़ों और सर्वे की दोबारा समीक्षा, आरक्षण निर्धारण में वास्तविक एवं अद्यतन आंकड़ों को शामिल करना, सर्वे और आरक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना तथा ओबीसी समाज के संवैधानिक और वैधानिक हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई करना शामिल है।
मंच पदाधिकारियों ने कहा कि आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में वास्तविक आंकड़ों और संबंधित क्षेत्रों की स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि पात्र वर्ग को निर्धारित आरक्षण का लाभ मिल सके।
मांगें नहीं मानीं तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ओबीसी समाज की ओर से पंचायतीराज चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है।
ओबीसी जागृति मंच ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया की समीक्षा कराने और समाज की मांगों पर न्यायपूर्ण कार्रवाई करने की अपील की। अब इस मामले में संबंधित प्रशासन एवं सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
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