देश तानाशाही से नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, जवाबदेही से भाग नहीं सकती मोदी सरकार
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए गहरी नाराजगी जताई है। जयपुर में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘काला दिवस’ विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए जूली ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी तथा अन्य विपक्षी सांसदों के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की।
जूली ने कहा कि जिस लोकतंत्र और संविधान को कांग्रेस पार्टी के महान नेताओं ने अपने खून और बलिदान से सींचा है, आज उसी देश में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे शहीदों के बेटे-पोतों के साथ ऐसा तानाशाही व अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है।
देश के 300 से अधिक निर्वाचित सांसदों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट किया जाना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। लोकतंत्र में सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देना है, लेकिन जब सरकार जवाबदेही से भागने लगती है, तो वह दमन और गुंडागर्दी का सहारा लेती है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं आज निष्पक्ष रहने के बजाय भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में काम कर रही हैं। मतदाता सूची और प्रक्रियात्मक फॉर्मों (जैसे फॉर्म 6 और फॉर्म 7) में धांधली करके आम जनता के नाम काटे जा रहे हैं। जब देश का विपक्ष और आम नागरिक चुनाव आयोग से सवाल पूछने या ज्ञापन देने जाता है, तो चारों तरफ पुलिस तैनात कर लोकतंत्र की आवाज को दबाया जाता है।
जूली ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह देश किसी की तानाशाही से नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान से चलेगा। सत्ता में बैठे लोग भले ही एसी कमरों में बैठकर जनविरोधी नीतियां बनाएं, लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा विपक्ष जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर डटा रहेगा। तानाशाही के खिलाफ यह लड़ाई संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से लड़ी जाएगी।
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