नसिया जी से मुंशी बाजार मंदिर पहुंचेगा जुलूस
मिशनसच न्यूज, अलवर। अलवर में बुधवार का दिन जैन समाज के लिए विशेष धार्मिक उत्साह का दिन रहेगा। चातुर्मास पर अलवर में विराजमान दिगम्बर जैनाचार्य वसुनन्दी महाराज के सुशिष्य उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज तथा जयपुर से विहार करते हुए अलवर पहुंच रहे उपाध्याय वृषभानन्द महाराज के संघों का आज अलवर में भव्य वात्सल्य मिलन होगा।
चातुर्मास कमेटी के संयोजक पवन जैन चौधरी ने बताया कि जयपुर से चातुर्मास पूर्ण कर अलवर आ रहे दिगम्बर जैन संत वृषभानन्द महाराज 12 नवम्बर की सुबह 6.30 बजे वन्दना रिसोर्ट से विहार करेंगे और करीब 7.30 बजे जैन नसिया जी पहुंचेंगे। वहां से सुबह लगभग 8 बजे उनके संघस्थ संतों का बैंड-बाजों के साथ भव्य स्वागत जुलूस निकलेगा, जो मुंशी बाजार स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचेगा।
यहीं पर उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज ससंघ का मिलन कार्यक्रम संपन्न होगा। इस मिलन के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में हजारों जैन धर्मावलंबियों के एकत्रित होने की संभावना है।
मिलन कार्यक्रम के बाद सुबह करीब 9 बजे उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज का दीक्षा दिवस भी मनाया जाएगा।
मंदिर समिति अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जैन ने बताया कि यह अवसर अलवर के धार्मिक इतिहास में एक अद्भुत अध्याय जोड़ने वाला होगा। जुलूस जैन नसिया जी से निकलकर बैण्ड-बाजों की मधुर ध्वनियों के साथ मुंशी बाजार पहुंचेगा, जहां यह आध्यात्मिक मिलन धर्म प्रभावना का अद्वितीय दृश्य प्रस्तुत करेगा।
जैन पत्रकार महासंघ अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने बताया कि उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज और उपाध्याय वृषभानन्द महाराज — दोनों ही आचार्य वसुनन्दी महाराज के शिष्य हैं। यह अलवर में दो उपाध्याय संघों का ऐतिहासिक मिलन होगा, जिसमें दोनों उपाध्याय धर्म और ज्ञान की गंगा प्रवाहित करेंगे।
उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज के संघ में मुनि पुण्यानन्द महाराज और मुनि धैर्यानन्द महाराज शामिल हैं। हाल ही में उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज ने पिच्छी परिवर्तन के बाद केशलोंच भी संपन्न किया है, जो उनके तप और साधना के उच्चतम स्तर को दर्शाता है।
मिशनसच नेटवर्क से जुडने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को फॉलो करें https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

