अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से जुड़े साइबर ठगी और मानव तस्करी के एक बड़े सनसनीखेज मामले में बंधक बनाए गए पीड़ितों की आपबीती रोंगटे खड़े करने वाली है। रोजगार की सुनहरी उम्मीद और बेहतर भविष्य का सपना लेकर अपने घरों को छोड़कर गए ये तमाम पीड़ित जालसाजों के शातिर जाल में इस कदर फंसे कि उनके दिन और रातें भारी दहशत के साये में गुजरने लगीं।
अपराधियों द्वारा उन पर इतनी कड़ी और अमानवीय बंदिशें लगाई गई थीं कि उनके हालात किसी आम जेलखाने से भी बदतर और दयनीय हो चुके थे।
कैद जैसे हालात और पल-पल का पहरा
पीड़ितों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जालसाजों के ठिकाने पर उनकी स्वतंत्रता पूरी तरह से छीन ली गई थी।
शौचालय जाने पर भी पहरा: बंधकों की स्थिति इतनी लाचार थी कि उन्हें शौचालय जाने के लिए भी सुरक्षा के नाम पर पहरे का सामना करना पड़ता था। यदि किसी मजबूरीवश उन्हें बाजार या बाहर जाने की अनुमति मिलती भी थी, तो ठग गैंग के कम से कम दो सदस्य हमेशा उनके साथ साए की तरह साथ चलते थे ताकि वे भाग न सकें।
मोबाइल और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध: रात को 10 बजते ही सभी पीड़ितों के मोबाइल फोन उनसे छीनकर अपने कब्जे में ले लिए जाते थे। यदि कोई गलती से भी फेसबुक, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता था, तो उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी।
बेहद खराब खानपान और रहने की स्थिति: खाने-पीने के नाम पर उनके साथ घोर अमानवीयता बरती जाती थी। सुबह के वक्त केवल चाय और पापे, तो वहीं दोपहर और रात के खाने में बेहद पतली दाल, सूखी रोटियां और चावल दिए जाते थे। इसके अलावा, एक ही छोटे से कमरे में 8 से 10 लोगों को ठूस-ठूसकर जानवरों की तरह रहने के लिए मजबूर किया जाता था।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय ठग गिरोह की तह तक पहुंचने में जुटी हुई हैं। पीड़ितों के बयानों के आधार पर अमरोहा पुलिस उन तमाम मुख्य सरगनाओं की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है, जो भोले-भाले युवाओं को विदेशों या अन्य राज्यों में अच्छी नौकरियों का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे और फिर इस तरह की अमानवीय हरकतों को अंजाम देते थे। प्रशासन इस मामले में बेहद सख्ती से कानूनी कार्रवाई कर रहा है ताकि ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


