घर से बेदखली का मामला, शौचालय में रहने को मजबूर होने का दावा
अलवर। क्षेत्र के लाल पहाड़ी गांव निवासी सरस्वती देवी से जुड़े पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। वर्तमान में भूगोर गांव में अपने पति गुड्डू के साथ रह रही सरस्वती देवी को कथित रूप से ससुराल पक्ष द्वारा घर से बाहर निकाल दिए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में दलित उत्थान संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष रोहिताश ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप और न्याय की मांग की है।
समिति के अनुसार सरस्वती देवी दो बच्चों की मां हैं और लंबे समय से अपने परिवार के साथ भूगोर में रह रही थीं। आरोप है कि पारिवारिक विवाद के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उन्हें घर से बाहर कर दिया और बाद में परिवार के अन्य सदस्य भी वहां से चले गए, जिससे महिला को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि स्थानीय स्तर पर एक ग्रामीण ने मानवीय आधार पर अपने घर के शौचालय का ताला खोलकर सरस्वती देवी को अस्थायी रूप से रहने की जगह उपलब्ध कराई। समिति का कहना है कि महिला वर्तमान में वहीं रहकर जीवनयापन कर रही है और आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर स्थिति के कारण अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।
दलित उत्थान संघर्ष सेवा समिति ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा एवं आवासीय सहायता उपलब्ध कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
समिति का कहना है कि यदि किसी महिला को रहने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिलता और वह अमानवीय परिस्थितियों में जीवन बिताने को मजबूर होती है, तो ऐसे मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
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