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    Homeराजस्थानखैरथलन्यायाधीशों का कानूनी साक्षरता शिविर, साइबर दुर्व्यवहार पर किया जागरूक

    न्यायाधीशों का कानूनी साक्षरता शिविर, साइबर दुर्व्यवहार पर किया जागरूक

    विद्यालयों में कानूनी साक्षरता शिविर के जरिए साइबर दुर्व्यवहार से बचाव की दी जानकारी

    किशनगढ़ बास। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शुक्रवार को किशनगढ़ बास न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों द्वारा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत कानूनी साक्षरता एवं संवेदीकरण शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में विद्यार्थियों को साइबर दुर्व्यवहार और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

    मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल रनवीर सिंह ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय इस्माईलपुर एवं आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय किशनगढ़ बास में आयोजित शिविरों में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सच्ची घटनाओं और अपने अनुभवों के माध्यम से साइबर क्राइम के दुष्परिणामों से अवगत कराया।

    उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक बच्चे ने मोबाइल का गलत उपयोग करते हुए ऑनलाइन गेम के माध्यम से अपने पिता के खाते से करीब 50 लाख रुपये खर्च कर दिए, जो परिवार के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए रखे गए थे। इस प्रकार की घटनाएं सावधानी की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

    रनवीर सिंह ने विद्यार्थियों को समझाया कि निजी जानकारी को व्हाट्सएप स्टेटस या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने एक अन्य उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक व्यक्ति ने गलत पहचान बताकर एक बालिका से संपर्क किया, जो जांच में काफी उम्रदराज निकला और साइबर ठगी में संलिप्त पाया गया।

    न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि साइबर दुर्व्यवहार का अर्थ इंटरनेट, मोबाइल या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को अपमानित करना, धमकाना या परेशान करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है और इसके दुष्परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

    उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि कोई भी स्क्रीनशॉट, फोटो या वीडियो बहुत तेजी से फैल सकता है, जिससे मानसिक और भावनात्मक नुकसान हो सकता है।

    इसी क्रम में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय खानपुर मेवान में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 नीतू रानी, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय माहोंद में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 लोकेश मीणा तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नूरनगर में सिविल न्यायाधीश डॉ. रिमझिम द्वारा भी कानूनी साक्षरता एवं संवेदीकरण शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को साइबर दुर्व्यवहार से बचाव की जानकारी दी गई।

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