मिशन सच न्यूज, भीलवाड़ा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के चातुर्मास के अंतर्गत सूर्यमहल में धर्म साधना एवं प्रवचनों का क्रम जारी है। बुधवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि यदि परमात्मा से कुछ मांगना है तो ज्ञान मांगिए, क्योंकि यही एक ऐसी संपदा है जिसे जीवन के अंत में भी छोड़कर नहीं जाना पड़ता।
आचार्यश्री ने कहा कि मनुष्य को वही मांगना चाहिए जिसे सामने वाला सहजता और प्रसन्नता से दे सके। भगवान से भी ऐसी वस्तु मांगनी चाहिए जो शाश्वत कल्याण का मार्ग प्रशस्त करे। उन्होंने कहा कि ज्ञान ही वास्तविक संतुष्टि का खजाना है, लेकिन उसे प्राप्त करने के लिए पात्रता, ग्रहणशीलता और तीव्र जिज्ञासा आवश्यक है।
उन्होंने विभिन्न दृष्टांतों के माध्यम से समझाया कि ज्ञान उसी को प्राप्त होता है जो अपने भीतर के राग, द्वेष, क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे विकारों को दूर कर स्वयं को सरल और सहज बनाता है। आचार्यश्री ने कहा कि पहले गुरु और परमात्मा की वाणी को सुनना, फिर मनन करना और उसके बाद जीवन में उतारना आवश्यक है। तभी सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चरित्र रूपी रत्नत्रय की प्राप्ति संभव है।
उन्होंने कहा कि परमात्मा और गुरु सदैव समभाव रखते हैं तथा सर्वहित, सर्वकल्याण और परमार्थ का संदेश देते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सार्थक और सम्यक बनाया जा सकता है।
आचार्य पुलकसागर महाराज ने बताया कि 15 अगस्त से चित्रकूटधाम में आयोजित होने वाले ‘ज्ञान गंगा महोत्सव’ में ऐसे जीवनोपयोगी प्रवचन होंगे, जो व्यक्ति को जीवन जीने की सही दिशा देने के साथ-साथ उसकी अनेक समस्याओं का समाधान भी प्रदान करेंगे।
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि धर्मसभा के प्रारंभ में दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य बिजयनगर निवासी सुभाषचंद, प्रियांशु निर्वाण कासलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ। धर्म संदेश सुनने के लिए भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि सूर्यमहल में 14 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 8:30 से 10:00 बजे तक प्रवचन तथा सायं 7:00 से 8:00 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है।
सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि चातुर्मास का प्रमुख आकर्षण ‘ज्ञान गंगा महोत्सव’ 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में आयोजित होगा। सर्वसमाज के लिए आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्यश्री के प्रवचनों का लाभ उठाएंगे। देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भीलवाड़ा पहुंचने की संभावना है।
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