फार्मर आईडी पंजीकरण जरूरी, उर्वरक वितरण के लिए विभाग की अपील
अलवर। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि जिन कृषकों ने अभी तक फार्मर आईडी में पंजीकरण नहीं कराया है, वे शीघ्र पंजीकरण कराएं। विभाग के अनुसार भविष्य में अनुदानित उर्वरकों का वितरण केवल फार्मर आईडी में पंजीकृत किसानों को ही किया जाएगा।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक पी.सी. मीणा ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता है, इसलिए किसान अग्रिम बुवाई के नाम पर अनावश्यक जमाखोरी न करें और केवल आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों की खरीद करें।
उन्होंने बताया कि उर्वरक खरीदने के लिए किसान के पास फार्मर आईडी अथवा उसके पंजीकरण की रसीद होना आवश्यक है। जिन किसानों के पास यह उपलब्ध नहीं है, वे फिलहाल जमाबंदी या एफआरए पट्टे के आधार पर अनुदानित उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं।
किराएदार, बटाईदार, मृतक किसानों के कानूनी वारिस तथा संयुक्त खातेदार, जिनके नाम स्वयं की भूमि दर्ज नहीं है, वे भी जमाबंदी, बटाईनामा अथवा किरायानामा के आधार पर बिना फार्मर आईडी के अनुदानित उर्वरक खरीद सकते हैं।
संयुक्त निदेशक ने किसानों को सलाह दी कि वे मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें तथा डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट), एनपीके और टीएसपी जैसे उर्वरकों का भी प्रयोग करें।
उन्होंने किसानों से केवल कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदने और खरीद का बिल अवश्य लेने का आग्रह किया। यदि कोई विक्रेता बिल जारी नहीं करता या विभाग में पंजीकृत नहीं है तो उसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को देने की अपील की गई है।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

