भारतीय भाषा समर कैंप में छात्रों को मिलेगा बहुभाषी संवाद और संस्कृति का अनुभव
कठूमर। उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बेरका में शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में 7 दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का शुभारंभ किया गया। 22 जून से 28 जून तक आयोजित होने वाले इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में बहुभाषी संवाद कौशल विकसित करना और उन्हें भारत की समृद्ध भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
कैंप प्रभारी सुरेश चंद जैन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं तथा भारतीय सांकेतिक भाषा के बुनियादी संवाद कौशल सिखाए जाएंगे। इससे छात्रों में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की अवधारणा को व्यवहारिक रूप से समझने और अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
खेल-खेल में सीखने की अनूठी पहल
समर कैंप को विद्यार्थियों के लिए रोचक और तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। सात दिवसीय पाठ्यक्रम के दौरान बच्चों को अलग-अलग भारतीय भाषाओं की वर्णमाला, संख्याएं और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सामान्य वाक्य सिखाए जाएंगे।
इसके साथ ही भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिले और दिव्यांग तथा सामान्य विद्यार्थी बेहतर संवाद स्थापित कर सकें।
संस्कृति और भाषा का होगा संगम
कैंप में विभिन्न राज्यों की संस्कृति, लोक संगीत, लोक नृत्य, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय इतिहास से जुड़ी गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों को वर्कशीट, क्विज, रोल-प्ले और समूह गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी सहभागिता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी।
कैंप प्रभारी सुरेश चंद जैन ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस शिविर का पूरा लाभ लेने के लिए नियमित रूप से भेजें, ताकि वे भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को निकट से समझ सकें।
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