निर्वाण लाडू अर्पण, अभिषेक, शांतिधारा, महामंडल विधान और भक्तामर महाअर्चना से गूंजेंगे जैन मंदिर
मिशनसच न्यूज, अलवर। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक आगामी 17 जनवरी को अलवर शहर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर शहर सहित जिले के विभिन्न जैन मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। मंदिरों में सुबह से ही अभिषेक, शांतिधारा, सामूहिक पूजन, निर्वाण लाडू अर्पण, प्रवचन तथा भक्तामर महाअर्चना जैसे कार्यक्रम संपन्न होंगे। जैन समाज में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह है और मंदिर परिसरों को आकर्षक सजावट व विद्युत रोशनी से सजाया जा रहा है।
जैन पत्रकार महासंघ अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान आदिनाथ के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर सभी जैन मंदिरों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस दिन मुख्य धार्मिक आकर्षण निर्वाण लाडू अर्पण का कार्यक्रम रहेगा। प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी, तत्पश्चात भगवान आदिनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर निर्वाण का लाडू चढ़ाया जाएगा। यह आयोजन भगवान आदिनाथ द्वारा मोक्ष प्राप्ति की स्मृति में अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव से किया जाता है।
उन्होंने बताया कि अलवर-जयपुर रोड स्थित प्रसिद्ध श्री दिगम्बर जैन अहिंसा स्थल मंदिर सहित शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं बच्चे सभी धर्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता करेंगे। पूरे दिन मंदिरों में भक्ति और अध्यात्म का वातावरण बना रहेगा।
शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक श्री दिगम्बर जैन मंदिर श्री नन्दीश्वर जी (बड़तला), बजाजा बाजार, अलवर में भी भव्य आयोजन किए जाएंगे। मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष नरेश कुमार जैन ने बताया कि दिगम्बर जैन आर्यिका आर्षमति माताजी ससंघ के सान्निध्य एवं आशीर्वाद से सुबह 6.30 बजे श्रीजी का अभिषेक एवं सामूहिक पूजन आयोजित होगा। इसके पश्चात निर्वाण का लाडू चढ़ाया जाएगा। सायंकाल 6 बजे सामूहिक आरती का आयोजन होगा तथा रात्रि 7 से 9 बजे तक 48 दीपकों द्वारा भक्तामर महाअर्चना की जाएगी। इस दौरान मंदिर परिसर दीपों की ज्योति से आलोकित रहेगा और भक्तिमय वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।
इसी क्रम में मन्नी का बड़ स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। यहां सुबह श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न होगी। प्रातः 8 बजे से श्री 64 ऋद्धि महामण्डल विधान का आयोजन आर्यिका आर्षमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में किया जाएगा। मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष नरेश जैन बड़तलिया ने बताया कि इस अवसर पर मंदिर परिसर में कैलाश पर्वत की कृत्रिम झांकी तैयार की जा रही है, जहां निर्वाण का लाडू चढ़ाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान आदिनाथ कैलाश पर्वत से ही मोक्ष को प्राप्त हुए थे, इसलिए यह झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत सुबह 10 बजे आर्यिका आर्षमति माताजी के प्रवचन होंगे। प्रवचनों में भगवान आदिनाथ के जीवन, उनके त्याग, तपस्या, संयम और मोक्ष मार्ग पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। समाज के गणमान्य नागरिकों ने सभी धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। आदिनाथ भगवान को जैन परंपरा का प्रवर्तक एवं मानव समाज को धर्म, संयम और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाला प्रथम तीर्थंकर माना गया है। उनके मोक्ष प्राप्ति दिवस को आत्मशुद्धि, त्याग, तप और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक पर्व माना जाता है। इसी भावना के साथ अलवर का जैन समाज प्रतिवर्ष इस पर्व को अत्यंत श्रद्धा एवं समर्पण के साथ मनाता है।
इस प्रकार 17 जनवरी को अलवर में भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में मनाया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित मानी जा रही है।
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