आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर कामकाज प्रभावित, कार्रवाई नहीं होने से नगर परिषद कर्मचारियों में नाराजगी
भिवाड़ी। नगर परिषद भिवाड़ी के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (सीनियर मैनेजर सॉलिड वेस्ट) दिनेश कुमार मीणा से कथित मारपीट के मामले ने शनिवार को आंदोलन का रूप ले लिया। घटना के 24 घंटे बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नगर परिषद आयुक्त सहित अधिकारी एवं कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
शिकायत के अनुसार, विवाद कचरा डंपिंग को लेकर शुरू हुआ। मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक ने कथित अनियमितताओं को रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान ऑटो टिपर चालक कुलदीप दायमा, देवेंद्र भिड़ूड़ी, सतीश चावड़ा, दिवेश दायमा, लीलू बैंसला सहित अन्य लोगों पर हाथापाई, गाली-गलौज तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है।
बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज, गिरफ्तारी नहीं होने पर बढ़ा आक्रोश
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनमें रोष है।
धरना स्थल पर भिवाड़ी पुलिस चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता कर धरना समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन कर्मचारियों ने गिरफ्तारी से पहले आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया।
कामकाज प्रभावित, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
आंदोलन के चलते नगर परिषद का कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और सभी की निगाहें आरोपियों की गिरफ्तारी तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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