भीलवाड़ा : जिला कलेक्टर सहित 7 विभागों को नोटिस, 13 अक्टूबर को पेश होने के आदेश
मिशनसच न्यूज, भीलवाड़ा। शहर की टूटी-फूटी और गहरे गड्ढों से भरी सड़कों पर स्थायी लोक अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। पर्यावरणविद बाबूलाल जाजू की ओर से अधिवक्ता श्यामलाल मल्होत्रा के मार्फत दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जिला कलेक्टर, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, नगर विकास न्यास, आरयूआईडीपी सहित सात विभागों को नोटिस जारी कर 13 अक्टूबर को अदालत में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
अदालत के माननीय अध्यक्ष शाहबुद्दीन, सदस्य गोरधन सिंह कावड़िया और सदस्या सुमन त्रिवेदी की पीठ ने मामले की गंभीरता देखते हुए यह आदेश दिया।
शहर की हालत पर चिंता
याचिकाकर्ता जाजू ने बताया कि शहर की अधिकांश सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। गहरे गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और बरसात में पानी भरने से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और कलेक्टर को 6 सितम्बर को लिखित निवेदन भी किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जाजू ने अदालत में सैकड़ों स्थानों की तस्वीरें भी प्रस्तुत कीं जिनमें काइन हाउस चौराहा, कांवा खेड़ा, गंगापुर तिराहा, शास्त्रीनगर, काशीपुरी चौराहा, तेज सिंह सर्कल, हरणी महादेव चौराहा, कृषि उपज मंडी रोड, सोनी हॉस्पिटल रोड, कनक पेट्रोल पंप रोड, जेल चौराहा, गर्ल्स कॉलेज चौराहा, हनुमान टेकरी, बड़ला चौराहा, गुरु गोविंद सिंह मार्ग, चामुंडा माता मंदिर रोड और आयकर भवन रोड शामिल हैं।
सार्वजनिक उपयोगिता सेवा का मुद्दा
अधिवक्ता श्यामलाल मल्होत्रा ने अदालत को बताया कि सड़कें सार्वजनिक उपयोगिता सेवा का हिस्सा हैं और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को सुगम आवागमन का मौलिक अधिकार है। खराब सड़कों के कारण यह अधिकार प्रभावित हो रहा है।
दीपावली से पहले मरम्मत की मांग
जाजू ने अदालत से निवेदन किया कि शहर को पाँच क्षेत्रों में बाँटकर दीपावली से पहले सभी टूटी सड़कों और गड्ढों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत करवाई जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।


