लावारिस मवेशियों पर एनजीटी के आदेशों की पालना को लेकर पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र
भीलवाड़ा। शहर में बढ़ती लावारिस मवेशियों की समस्या के समाधान और गौशाला परिसर में पौधारोपण को लेकर पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने जिला कलक्टर व नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
जाजू ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भोपाल ने उनकी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शहर में लावारिस मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए छह सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन्दल सॉ लिमिटेड को गौशाला परिसर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने तथा गौशाला के संचालन को सुचारु बनाने के भी आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 400 बीघा भूमि चिन्हित कर जिन्दल सॉ लिमिटेड को आवंटित की गई थी। इस भूमि पर नए सिरे से पौधारोपण करने और पौधों की समुचित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश भी एनजीटी द्वारा दिए गए हैं।
जाजू ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इन आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाए। इससे शहर की सड़कों पर खुले घूम रहे लावारिस मवेशियों को गौशाला में स्थानांतरित किया जा सकेगा और यातायात में आने वाली बाधाओं से भी राहत मिलेगी। साथ ही लगाए गए पौधों का संरक्षण कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में भी एनजीटी द्वारा इसी प्रकार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उस समय अधिकारियों की लापरवाही के कारण न तो पौधारोपण का कार्य हुआ और न ही गौशाला का संचालन सुचारु रूप से हो सका। इसी कारण उन्हें दोबारा जनहित याचिका दायर करनी पड़ी।
पर्यावरणविद् जाजू ने सुझाव दिया है कि प्रस्तावित निगरानी समिति में सरकारी अधिकारियों के साथ दो स्थानीय समाजसेवियों को भी शामिल किया जाए, ताकि कार्यों की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके और योजना को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
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