60 गांवों के मरीजों का भार संभाल रहे अस्पताल में पेयजल संकट, निजी दुकानों से पानी लाने को मजबूर स्टाफ
मालाखेड़ा। भीषण गर्मी के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मालाखेड़ा में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। करीब 60 से अधिक गांवों के मरीजों का उपचार करने वाले इस स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी, एएनएम और अन्य स्टाफ को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
अस्पताल कर्मचारियों के अनुसार स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि स्टाफ को मजबूरी में आसपास की निजी मेडिकल दुकानों, सोनोग्राफी सेंटरों और जांच प्रयोगशालाओं से बोतलों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है। इसी पानी के सहारे कर्मचारी अपनी प्यास बुझाने के साथ मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अस्पताल परिसर में पानी के कैंपर लगाए गए थे, लेकिन इस बार मई माह समाप्त होने के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे अस्पताल में कार्यरत स्टाफ और मरीजों के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्टाफ का कहना है कि एक ओर बिजली विभाग, नगर पालिका, उपखंड कार्यालय और तहसील कार्यालय जैसे अन्य सरकारी कार्यालयों में पेयजल कैंपर उपलब्ध हैं, वहीं बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इस अस्पताल में मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।
अस्पताल कर्मियों ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है। भीषण गर्मी में बिना पेयजल व्यवस्था के ड्यूटी करना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी मालाखेड़ा के पिता के आकस्मिक निधन के कारण फिलहाल अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित बताई जा रही हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द पेयजल व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों और कर्मचारियों को राहत मिल सके।
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