मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से एनईपी-2020 को मिली नई गति, एआई आधारित मूल्यांकन और 41 कार्यक्रमों से शिक्षा में गुणात्मक सुधार
अलवर। राजस्थान में स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू किया गया ‘मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान’ शिक्षा सुधार का एक महत्वपूर्ण मॉडल बनकर उभर रहा है। 29 मार्च 2025 को शुरू किए गए इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालयों के समग्र विकास के लिए 41 विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पठन-पाठन की आदत विकसित करना, सीखने के स्तर में सुधार करना तथा शिक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित और परिणामोन्मुख बनाना है। इसके माध्यम से स्कूलों में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
41 कार्यक्रमों से शिक्षा को नई दिशा
मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत विद्यार्थी, विद्यालय, शिक्षक और शैक्षणिक परिणाम आधारित कुल 41 कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें विद्यार्थियों की पठन क्षमता बढ़ाने, सीखने के स्तर का आकलन करने तथा शिक्षकों की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है।
एआई आधारित मूल्यांकन और डिजिटल मॉनिटरिंग
अभियान के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मूल्यांकन, डिजिटल मॉनिटरिंग, मेगा पीटीएम, प्रखर राजस्थान और स्कूल ऑन व्हील जैसे नवाचार लागू किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना है।
प्रवासी राजस्थानियों को भी जोड़ा
इस अभियान की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि इसके माध्यम से देश और विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों को भी राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी और सहयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित अभियान
मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के प्रमुख घटकों में विद्यार्थी केंद्रित गतिविधियां, विद्यालय विकास, शिक्षक क्षमता संवर्धन तथा शैक्षणिक परिणामों में सुधार शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में समन्वित प्रयासों के माध्यम से राजस्थान की स्कूली शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से राजस्थान शिक्षा सुधार के क्षेत्र में एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है।
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