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    मंगल कलश स्थापना के साथ गूंजे मंत्रोच्चार, नौगांवां में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

    आचार्य ज्ञानभूषण के सानिध्य में मंगल कलश हुए स्थापित, वर्षायोग में शामिल हुए श्रद्धालु

    नौगांवां। आचार्य श्री 108 ज्ञानभूषण जी मुनिराज (ससंघ) के पावन सानिध्य में बस स्टैंड स्थित महावीर भवन में आयोजित 34वें वर्षायोग के दौरान सोमवार को मंगल कलश स्थापना का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधि-विधान, मंत्रोच्चार और मंगल भावनाओं के बीच सभी पुण्यार्जक परिवारों के निमित्त कलशों की स्थापना की गई।

    कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार मंत्र के सामूहिक पाठ के साथ हुआ। इसके बाद सप्त अनाज, अष्टद्रव्य, पंचरत्न और रजत मुद्रा से सुसज्जित कलशों को आचार्य श्री के मंत्रोच्चार के साथ अभिमंत्रित किया गया। श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त करते हुए कलश स्थापना अनुष्ठान में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास के दौरान मंगल कलश की स्थापना साधु-संतों के चार महीने के प्रवास की सफलता, धर्म प्रभावना तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। यह आयोजन समाज में एकता, आध्यात्मिक जागृति और पुण्य संचय का माध्यम भी माना जाता है।

    यह संपूर्ण कार्यक्रम आचार्य श्री की परम प्रभावक शिष्या क्षुल्लिका 105 ज्ञानगंगा माताजी के निर्देशन और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं श्रद्धा के साथ अनुष्ठान में भाग लिया।

    कार्यक्रम में नरेश जैन आजाद, अभिषेक जैन, रितेश जैन, सुरेश जैन, नितेश जैन, हन्नी जैन, बसंत जैन, शिखरचंद जैन, धर्मचंद जैन, ऋषभ जैन, संदीप जैन, शैलेन्द्र जैन, पुष्पेंद्र जैन, मोहित जैन, संगम जैन, अंकित जैन, अंशु जैन, साहिल जैन, विकास जैन, हेमेंद्र जैन, ललित जैन, भारत जैन, निशु जैन, विजय जैन सहित महिला मंडल और बहु मंडल के सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही।

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