मत्स्य यूनिवर्सिटी के भव्य समारोह में दीक्षांत उपाधि वितरण, टॉपर्स को मेडल प्रदान
अलवर। राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय का षष्ठम दीक्षांत समारोह गुरुवार को प्रताप ऑडिटोरियम में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरिभाऊ बागड़े (राज्यपाल एवं कुलाधिपति) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विद्यार्थियों को डिग्री एवं उपाधियां प्रदान कीं।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे ऐसे संस्थान हैं जहां विद्यार्थियों का समग्र विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, कौशल और नैतिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि वे देश और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका लक्ष्य व्यक्तित्व निर्माण, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा को व्यवहार में उतारें और जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार प्रदाता के रूप में तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति के माध्यम से शिक्षा को अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बनाया जा रहा है।
दीक्षांत समारोह में कुल 44,293 विद्यार्थियों को डिग्री एवं उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें विभिन्न संकायों के विद्यार्थी शामिल रहे—
- कला संकाय: 23,275 डिग्री
- विज्ञान संकाय: 5,488 डिग्री
- सामाजिक विज्ञान संकाय: 6,139 डिग्री
- शिक्षा संकाय: 8,107 डिग्री
- ललित कला संकाय: 46 डिग्री
- वाणिज्य संकाय: 1,244 डिग्री
इसके अलावा 40 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की गई।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कुल 49 विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए गए, जिनमें 1 कुलाधिपति पदक, 42 स्वर्ण पदक और 6 रजत पदक शामिल हैं। बानसूर कॉलेज की छात्रा पूजा सैनी को एमएससी बोटनी में कुलाधिपति पदक और स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा विभिन्न विषयों में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को भी स्वर्ण और रजत पदकों से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि मेडल प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक होना समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, शोध और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं, जो देश के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।
समारोह में टीकाराम जूली (नेता प्रतिपक्ष) ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है और विश्वविद्यालयों को इस दिशा में नए कोर्स शुरू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है।
कुलगुरु प्रो. रमन कुमार दवे ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के अधीन 113 अकादमिक कॉलेज, 67 बीएड कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही नए भवन, हॉस्टल, खेल मैदान और सोलर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।
इस अवसर पर रामगढ विधायक सुखवंत सिंह, जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलगुरू प्रो. पुष्पेन्द्र चौहान, सरस डेयरी चैयरमेन नितिन सांगवान, जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता व महासिंह चौधरी, पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा, कुल सचिव गोपाल कालरा, सहायक कुल सचिव डॉ. आशुतोष शर्मा, विधि सहायक निलेश पाण्डे एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन मंडल व अकादमिक परिषद के सदस्य तथा विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अभिभावक एवं बडी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान और कुलगीत के साथ समारोह का समापन हुआ।
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