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    जबलपुर से बेंगलुरु और मुंबई की उड़ानें अब हफ्ते में 3-4 दिन चलेंगी

    जबलपुर: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव का सीधा असर अब आम जनता और विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उछाल के कारण विमान ईंधन (ATF) के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इस वित्तीय बोझ से निपटने के लिए एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी विमान कंपनियों ने देश के छोटे शहरों से संचालित होने वाली अपनी घरेलू उड़ानों में बड़ी कटौती करनी शुरू कर दी है, जिससे हवाई यात्रियों की परेशानियां बढ़ने वाली हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर संभाग में भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है, जहां इंडिगो ने अपनी महत्वपूर्ण उड़ानें सीमित कर दी हैं।

    इंडिगो ने उड़ानों की संख्या घटाई

    इंडिगो एयरलाइंस ने मध्य प्रदेश के जबलपुर से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले मार्गों पर अपनी उड़ानों की संख्या कम करते हुए एक नया टाइम-टेबल जारी किया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत जबलपुर से हर दिन उड़ान भरने वाले विमान अब सप्ताह में केवल चार दिन ही संचालित किए जाएंगे। विमान कंपनी द्वारा जारी नई समय-सारणी के अनुसार, उड़ानों में की गई यह कटौती 16 जून से 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।

    साप्ताहिक उड़ानों का नया गणित

    इस फैसले के बाद जबलपुर हवाई अड्डे से संचालित होने वाली उड़ानों के साप्ताहिक आंकड़ों में बड़ा बदलाव आया है:

    • कुल उड़ानों में कमी: जबलपुर से दिल्ली, मुंबई, इंदौर, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए होने वाली कुल साप्ताहिक उड़ानें 42 से घटकर अब केवल 36 रह जाएंगी।

    • जबलपुर-मुंबई फ्लाइट: अब यह विमान सप्ताह में सिर्फ चार दिन—मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को ही उपलब्ध रहेगा।

    • जबलपुर-बेंगलुरु फ्लाइट: इस मार्ग पर भी सेवा को सीमित करते हुए हफ्ते में चार दिन—सोमवार, बुधवार, शनिवार और रविवार का दिन तय किया गया है।

    विमान कंपनियों का तर्क और ईंधन संकट

    एविएशन कंपनियों का साफ कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण विमान परिचालन की लागत काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। लगातार महंगे होते ईंधन के कारण उड़ानों का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते यह अस्थाई कटौती की गई है। कंपनियों के अनुसार, यदि भविष्य में हवाई यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होती है और वैश्विक स्तर पर ईंधन के दाम दोबारा सामान्य होते हैं, तभी उड़ानों की संख्या को पहले की तरह बढ़ाया जाएगा। अन्यथा, कम उड़ानों का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।

    कम उड़ानें और किराए में भारी बढ़ोतरी

    कंपनियों ने न केवल उड़ानों के फेरे कम किए हैं, बल्कि इसका सीधा असर हवाई टिकटों की कीमतों पर भी डाल दिया है। जबलपुर से दिल्ली, मुंबई, इंदौर, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों के लिए हवाई यात्रा करना अब पहले के मुकाबले बेहद खर्चीला हो गया है। मांग बढ़ने और उड़ानें कम होने से विभिन्न रूटों के किरायों में ₹4,000 से लेकर ₹8,000 तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सीधे तौर पर यात्रियों की जेब पर डाका डाल रही है।

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