लक्ष्मणगढ़ में जनसुविधा पर सवाल : कठूमर रोड पर बंद शौचालय से यात्रियों और महिलाओं को परेशानी, नगर पालिका से जल्द शुरू कराने की मांग
लक्ष्मणगढ़। सरकार एक ओर स्वच्छता अभियान के तहत शहरों और गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर लक्ष्मणगढ़ में लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया सामुदायिक शौचालय वर्षों से बंद पड़ा है। कठूमर रोड स्थित दी अलवर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के पास बने इस शौचालय पर पांच साल से अधिक समय बीतने के बाद भी ताला लटका हुआ है। ऐसे में सार्वजनिक सुविधा के लिए किया गया खर्च लोगों के किसी काम नहीं आ रहा है।
सरकार की ओर से लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाता है, लेकिन लक्ष्मणगढ़ में इस सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्राम पंचायत के कार्यकाल में बने इस शौचालय को लक्ष्मणगढ़ के नगर पालिका बनने के बाद भी शुरू नहीं किया गया। लंबे समय से बंद रहने के कारण इसकी उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।
बसों और टेंपो से आने वाले यात्रियों को परेशानी
कठूमर रोड पर स्थित यह शौचालय ऐसे स्थान पर है, जहां निजी बसों का आवागमन बना रहता है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए टेंपो भी चलते हैं। बाजार में खरीदारी या अन्य कामों से आने वाले ग्रामीणों और बाहर से पहुंचने वाले यात्रियों को शौचालय बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर महिला यात्रियों के लिए यह समस्या अधिक असुविधाजनक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर शौचालय का निर्माण कराने के बाद उसे चालू रखना और उसकी नियमित देखरेख करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। केवल निर्माण कराकर छोड़ देने से लोगों को सुविधा नहीं मिल सकती।
देखरेख के लिए कर्मचारी नियुक्त करने की मांग
आसपास के दुकानदारों ने नगर पालिका प्रशासन से शौचालय को जल्द शुरू कराने की मांग की है। उनका सुझाव है कि सामुदायिक शौचालय की नियमित सफाई और देखरेख के लिए मानदेय पर महिला कर्मचारी नियुक्त की जाए, ताकि यह सुविधा व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।
ग्रामीणों ने उठाए निर्माण पर खर्च को लेकर सवाल
रमेश चंद्र ने बताया कि सामुदायिक शौचालय बने हुए पांच साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन इसे अब तक आमजन के लिए नहीं खोला गया। बाजार में बाहर से आने वाले लोगों को शौचालय बंद होने के कारण परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शौचालय का उपयोग ही नहीं होना था, तो इसके निर्माण पर लाखों रुपये खर्च क्यों किए गए। लोगों के लिए बनाई गई सुविधा को बंद रखने से सरकारी धन का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। ग्रामीणों और दुकानदारों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर शौचालय को शीघ्र चालू करवाए, ताकि बाजार में आने वाले यात्रियों और आमजन को राहत मिल सके।
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