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    शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो की प्रेरणा के साथ हुआ डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण

    रेगर छात्रावास जयपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का हुआ अनावरण

    जयपुर। रैगर छात्रावास, जयपुर के प्रांगण में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर दिल्ली क्षेत्र के लोकसभा सांसद योगेन्द्र चांदोलिया जी थे। विशिष्ट मुख्य अतिथि टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभा, विधायक निवाई रामसहाय वर्मा, अखिल भारतीय रैगर छात्रावास के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.एल. नवल, समाजसेवी नाथूलाल बैरवाल, रामप्रकाश उदेशिया एवं ओमप्रकाश अटल (प्रतिमा भेंटकर्ता) आदि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्रावास प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रैगर ने की।

    कार्यक्रम के प्रारम्भ में छात्रावास प्रबंध समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धन्नालाल शेरावत ने आए हुए सभी अतिथियों, समाज बंधुओं एवं सभी आगन्तुकों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए अपने उद्गार व्यक्त किए कि बाबा साहेब की यह प्रतिमा पत्थर या धातु की मूर्ति नहीं है, बल्कि यह प्रतिमा यहाँ छात्रावास में रह रहे छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत होगी। इस मूर्ति की उपस्थिति में छात्र बाबा साहेब के मूल मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का स्मरण कर अपने जीवन को सफल बनाएंगे।

    कार्यक्रम में प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रैगर ने विगत एक वर्ष में प्रबंध समिति की उपलब्धियों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। महासचिव भगवान सहाय जाटवा द्वारा प्रतिमा स्थापना के संबंध में प्रबंध समिति की उपलब्धियों, भावी कार्यक्रमों एवं समाज के भामाशाहों के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में समाज के 75 भामाशाहों का भी मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।

    मुख्य अतिथि योगेन्द्र चांदोलिया जी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कड़ी मेहनत करके देश को भारतीय संविधान के रूप में एक अनुपम कृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यद्यपि उनके निधन के लगभग 30 वर्ष बाद उन्हें भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया, जो अत्यंत चिंतन का विषय है।

    टीकाराम जूली ने सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हुए सभी समाज बंधुओं से एकजुट होकर शिक्षित बनने तथा बाबा साहेब द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल दलित समाज के मसीहा नहीं थे, बल्कि उन्होंने भारत के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर महिलाओं के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। विश्व के अनेक विकसित देश भी आज तक ऐसे कार्य नहीं कर पाए हैं।

    कार्यक्रम के अंत में समिति के कोषाध्यक्ष राजेन्द्र बंसल ने मुख्य अतिथियों एवं सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।

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