तीन दिवसीय उत्सव में भव्य आरती और प्रवचन से गूंजा परिसर
रोहतक। सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ जी की पुण्य स्मृति में अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में सोमवार प्रातः तीन दिवसीय वार्षिक मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। 23 से 25 फरवरी तक आयोजित इस मेले के पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु मठ पहुंचे। सुबह से ही समाधि मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालु मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए।
मेले की शुरुआत तड़के करीब 5 बजे विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। मठ के गद्दीनशीन महंत बालकनाथ योगी ने विधिवत आरती कर मेले का शुभारंभ किया। “जय बाबा मस्तनाथ” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था खोली गई, जहां दिनभर आस्था का सिलसिला चलता रहा। सायंकाल भव्य भजन संध्या एवं आरती का आयोजन किया गया, जिसमें देर रात तक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मेले के अवसर पर मठ परिसर को फूलों, तोरण द्वारों और आकर्षक झांकियों से सजाया गया है। समाधि मंदिर को सुगंधित पुष्पों और दीपमालाओं से अलंकृत किया गया। शाम ढलते ही रंगीन रोशनी से जगमगाता परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
नागा साधुओं सहित नाथ संप्रदाय के संत-महंतों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। प्रवचन सत्र में संतों ने बाबा मस्तनाथ जी के तप, त्याग और समाज सेवा के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्रद्धालु संतों के विचार सुनकर भाव-विभोर नजर आए।
इस अवसर पर स्वामी अवधेशानंद गिरी (आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा) ने समाधि मंदिर में दर्शन किए। पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव तथा चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक सागर प्रीत हुड्डा भी मेले में पहुंचे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
पुलिस महानिदेशक सागर प्रीत हुड्डा ने मठ परिसर का भ्रमण भी किया। इस दौरान महंत बालकनाथ योगी ने उन्हें श्री बाबा मस्तनाथ रेसीडेंशियल सैनिक स्कूल तथा बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के फार्मेसी सहित विभिन्न संकायों की जानकारी दी। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। इसके बाद मठ परिसर स्थित नेत्र चिकित्सालय में आधुनिक मशीनों से सुसज्जित नए ऑपरेशन थिएटर का विधिविधान के साथ उद्घाटन किया। इसे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मेले के तीनों दिन विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जा रहा है। पेयजल, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन एवं मठ प्रबंधन की ओर से भीड़ को सुव्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
महंत बालकनाथ योगी ने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने और धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
तीन दिवसीय यह मेला 25 फरवरी तक जारी रहेगा। आगामी दिनों में संत प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लगातार बढ़ती भीड़ से मठ परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
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