शावकों के साथ विचरण कर रही बाघिनें, अलवर बफर वन क्षेत्र में अवैध प्रवेश और ट्रैकिंग से बचने की अपील
अलवर। डीएफओ सरिस्का अभिमन्यु सहारण ने अलवर बफर वन क्षेत्र में बाघिनों एवं उनके शावकों की सक्रिय मौजूदगी को देखते हुए नागरिकों से वन क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश नहीं करने की अपील की है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में पैदल घूमना और ट्रैकिंग करना जानलेवा साबित हो सकता है।

डीएफओ अभिमन्यु सहारण ने बताया कि बाघ परियोजना सरिस्का के अंतर्गत अलवर बफर वन क्षेत्र में वर्तमान में 11 बाघ-बाघिन विचरण कर रहे हैं। बाघिन एसटी-19 अपने चार शावकों के साथ बारा लिवारी, श्योदानपुरा, फायरिंग रेंज और जम्मुशाना क्षेत्र में सक्रिय है। वहीं बाघिन एसटी-2302 अपने दो शावकों के साथ बाला किला, अंधेरी चौड़ की होदी, किशनकुंड नाला, जयविलास और आसपास के वन क्षेत्रों में विचरण कर रही है।
वन विभाग के अनुसार शावकों की सुरक्षा के दौरान बाघिनें अत्यधिक आक्रामक और संवेदनशील रहती हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति इन क्षेत्रों में अवैध रूप से प्रवेश करता है, ट्रैकिंग करता है या पैदल भ्रमण के लिए जाता है तो अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
वन विभाग ने शहरवासियों, ट्रेकर्स और मॉर्निंग वॉक के लिए वन क्षेत्र में जाने वाले लोगों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में प्रवेश न करें तथा राज्य सरकार और वन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की पालना करें।
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