सरिस्का बाघ परियोजना में बाघिन एसटी-17 ने तीन शावकों को दिया जन्म
अलवर। सरिस्का बाघ परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सरिस्का टाइगर रिजर्व की बाघिन एसटी-17 ने तीन शावकों को जन्म दिया है, जिससे परियोजना क्षेत्र में बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है।
डीएफओ सरिस्का अभिमन्यु सहारण ने बताया कि सरिस्का बाघ परियोजना के अकबरपुर रेंज क्षेत्र में कैमरा ट्रैप चित्रों और भू-गश्त के आधार पर बाघिन एसटी-17 के साथ तीन शावकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। कैमरा ट्रैप में बाघिन और उसके तीनों शावक स्पष्ट रूप से दिखाई दिए हैं।
उन्होंने बताया कि बाघिन और शावकों की गतिविधियां सामान्य पाई गई हैं। वन विभाग की बाघ मॉनिटरिंग टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाघिन और उसके शावकों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
वन विभाग के अनुसार बाघिन एसटी-17 इससे पहले भी शावकों को जन्म दे चुकी है और यह उसका दूसरा सफल प्रजनन है। इस नई उपलब्धि से सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी होने के साथ वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को भी मजबूती मिली है।
सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की संख्या बढ़ना वन विभाग और संरक्षण टीमों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और बल मिलेगा।
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