CTH का नया प्रारूप बड़े घोटाले की ओर इशारा करता – जूली
अलवर। सरिस्का के CTH (क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट) को लेकर बुधवार को अलवर मिनी सचिवालय में आयोजित बैठक में माहौल गर्मा गया। नेता प्रतिपक्ष Tikaram Jully ने बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को एक ही सवाल पर लगातार घेरते हुए पूछा—क्या टहला क्षेत्र में खनन शुरू करवाने के लिए CTH में बदलाव किया जा रहा है? हालांकि अधिकारियों की ओर से इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया, जिससे बैठक में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। जूली ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला दबाव और मिलीभगत का परिणाम है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
“CTH बदलाव में बड़ा खेल”, जूली ने लगाए गंभीर आरोप
मीटिंग के बाद जूली ने कहा कि शहर से सटे क्षेत्रों को CTH में शामिल कर दूरदराज के इलाकों को बाहर किया जा रहा है, जो एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब खनन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था कि जब तक बाघों की संख्या या उनके प्राकृतिक विस्तार में कोई कमी नहीं आई है, तब तक CTH में बदलाव का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरिस्का को नुकसान पहुंचा, तो अलवर के रोजगार और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा।
“जनता और जंगल दोनों बचाने की लड़ाई”
जूली ने साफ कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनता और वन्यजीवों के संरक्षण की लड़ाई है। उन्होंने कहा—
“हम इस मुद्दे को अंत तक उठाएंगे, ताकि सच सामने आए और सरिस्का सुरक्षित रह सके।”
बैठक में वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या जिला कलेक्टर को वन विभाग में इंटरफेयर करने का अधिकार है क्या? । पर्यावरणविद् राजेश कृष्ण सिद्ध ने भी विरोध किया।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

