सिलीसेढ़ के पास विदेशी मेहमानों ने थ्रेसर पर किया सहयोग, ग्रामीण बोले— यादगार बना पल
सिलीसेढ़ (अलवर)। अलवर ग्रामीण क्षेत्र के सोदानपूरा गांव के पास सिलीसेढ़ रोड पर शनिवार को एक अनोखा और दिल छू लेने वाला दृश्य देखने को मिला। यहां फ्रांस से आए विदेशी पर्यटकों ने किसान चेतराम गुर्जर के खेत में पहुंचकर गेहूं की फसल निकालने में हाथ बंटाया और ग्रामीण जीवन को बेहद करीब से महसूस किया।
जानकारी के अनुसार किसान चेतराम गुर्जर अपने खेत में थ्रेसर मशीन से गेहूं निकाल रहे थे। इसी दौरान सिलीसेढ़ घूमने आए विदेशी पर्यटकों की नजर खेत में चल रहे इस काम पर पड़ी। किसानों की मेहनत और फसल कटाई की प्रक्रिया को नजदीक से देखने की उत्सुकता में पर्यटक खेत तक पहुंच गए।
खेत में पहुंचकर विदेशी मेहमानों ने थ्रेसर मशीन में गेहूं के पूले लगाने में किसान का सहयोग किया। ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी के इस अनुभव को पर्यटकों ने बेहद उत्साह के साथ अपनाया। उन्होंने इस खास पल को अपने कैमरों में भी कैद किया, ताकि भारत के ग्रामीण जीवन की यह खूबसूरत याद अपने साथ ले जा सकें।
स्थानीय निवासी निहाल सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए इन दिनों क्षेत्र के किसान तेजी से गेहूं की फसल निकालने में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में विदेशी पर्यटकों का किसानों के साथ मिलकर काम करना गांव के लोगों के लिए खुशी और गर्व का विषय बन गया।
इस दृश्य को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण भी खेत पर पहुंच गए। सभी ने विदेशी मेहमानों के इस सहयोग और अपनत्व की सराहना की। किसान और पर्यटकों के बीच बना यह आत्मीय जुड़ाव गांव में सकारात्मक संदेश छोड़ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के पल न केवल भारतीय संस्कृति की मेहमाननवाजी को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि खेती और मेहनत की भाषा पूरी दुनिया में एक जैसी होती है। सिलीसेढ़ रोड पर दिखा यह अनोखा नज़ारा किसान-पर्यटक मिलन की एक खूबसूरत मिसाल बन गया।
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