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    सैर सपाटे के बजाय आदिवासी जिलों में बच्चों की मौत पर जवाबदेही तय करें सीएम :टीकाराम जूली

    आदिवासी क्षेत्रों में मौतों और संवेदनहीनता मुद्दे पर मुख्यमंत्री को घेरा, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर मानवीय संवेदनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान आज संवेदनशील शासन की कमी महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आमजन की समस्याओं और प्रदेश के हालातों के प्रति बेरुखी दिखा रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

    जूली ने कहा कि यह मामला केवल कानून-व्यवस्था, अस्पतालों में लापरवाही या दलित उत्पीड़न की घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार के संवेदनहीन रवैये को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं के बजाय सत्ता के आयोजनों में व्यस्त दिखाई दे रही है।

    प्रतापगढ़ दौरे को लेकर मुख्यमंत्री पर सवाल

    टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री के प्रतापगढ़ दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में अज्ञात बीमारी और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मासूम बच्चों की मौत हुई, वहां मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात तक नहीं की।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी या नहीं। जूली ने आरोप लगाया कि यदि पीड़ित परिवारों के आंसू नहीं पोंछे जाते, तो ऐसे दौरे केवल “फोटो ऑपर्च्युनिटी” बनकर रह जाते हैं।

    कोटा और श्रीगंगानगर की घटनाओं का भी किया जिक्र

    नेता प्रतिपक्ष ने कोटा में प्रसूता की मौत और इलाज में कथित लापरवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की ओर से कोई गंभीर प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। वहीं श्रीगंगानगर में दलित इंजीनियर की पिटाई के मामले में एफआईआर दर्ज होने में देरी को भी उन्होंने प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।

    उन्होंने कहा कि किसी भी घटना पर सरकार की प्रतिक्रिया ही उसकी कार्यशैली को दर्शाती है, लेकिन वर्तमान में प्रशासनिक तंत्र संवेदनशून्य नजर आ रहा है।

    झालावाड़ हादसे का भी किया उल्लेख

    जूली ने कहा कि झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से बच्चों की मौत के मामले में भी मुख्यमंत्री पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नेतृत्व का दायित्व होता है कि वह संकट के समय जनता के साथ खड़ा दिखाई दे।

    उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता के दर्द से अधिक अपनी छवि को लेकर चिंतित दिखाई दे रही है।

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