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    सोडावास साहबी नदी पुल एक माह से बंद, बदहाल वैकल्पिक मार्ग पर फंसी जनता; स्कूल बसों से लेकर कर्मचारी तक परेशान

    पुल मरम्मत में देरी से बिगड़े हालात, नाले का पानी और गहरे गड्ढों ने बढ़ाई राहगीरों की मुश्किल

    सोडावास। सोडावास-अलवर-बहरोड़ स्टेट हाईवे-14 पर साहबी नदी पुल पिछले करीब एक माह से बंद होने के कारण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पुल की मरम्मत का कार्य 20 जुलाई से चल रहा है, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं होने से वाहन चालकों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को पुराने वैकल्पिक मार्ग पर नाले का पानी सड़क पर आने और जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से स्थिति और विकट हो गई।

    बताया जा रहा है कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 5 से 6 हजार वाहनों का आवागमन होता है। पुल बंद होने के बाद वाहनों को साहबी नदी के भीतर बनाए गए करीब एक किलोमीटर लंबे कच्चे वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है। बारिश और नाले के पानी के कारण यह मार्ग कई स्थानों पर दलदल में तब्दील हो गया है।

    स्कूल बसें जाम में फंसीं, कर्मचारियों को भी हुई परेशानी

    बुधवार सुबह वैकल्पिक मार्ग पर नाले का पानी सड़क पर आने से कीचड़ और दलदल की स्थिति बन गई। इसके चलते स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रोजाना ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी और अन्य वाहन चालक भी जाम में फंसे नजर आए।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, कंजर बस्ती के पास वैकल्पिक मार्ग काफी संकरा है। सड़क पर जगह-जगह करीब दो-दो फीट गहरे गड्ढे होने के कारण बड़े वाहनों के साथ छोटे वाहनों को भी निकलने में दिक्कत हो रही है। नाले का पानी और गड्ढों के कारण मार्ग की हालत लगातार खराब होती जा रही है।

    नदी में बनाया गया एक किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग

    साहबी नदी के पुल के तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के चलते यातायात को सुचारू रखने के लिए नदी क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर लंबा कच्चा वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। लेकिन उचित रखरखाव और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण अब यही वैकल्पिक रास्ता लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित पीडब्ल्यूडी प्रशासन और आरएसआरडीसी की ओर से वैकल्पिक मार्ग की स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं की जा रही है। यदि समय रहते सड़क को दुरुस्त किया जाता और नाले के पानी की निकासी की व्यवस्था की जाती तो लोगों को रोजाना जाम और कीचड़ की समस्या से नहीं जूझना पड़ता।

    एक माह बाद भी आधा काम, कब खुलेगा पुल?

    साहबी नदी पुल को 20 जुलाई से यातायात के लिए बंद किया गया था। अब करीब एक माह बीत चुका है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार पुल का निर्माण एवं मरम्मत कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में पुल कब तक यातायात के लिए खोला जाएगा, इसे लेकर लोगों में असमंजस बना हुआ है।

    सामाजिक कार्यकर्ताओं नरेश सिंह चौहान, मिंटू चौधरी जागीवाड़ा, सतीश कुमार, देवेंद्र सिंह चौहान, नीरज चौधरी और राजू सैनी गहलोत सहित ग्रामीणों ने मार्ग की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन को वैकल्पिक मार्ग की तत्काल मरम्मत करवाकर पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, ग्रामीणों और वाहन चालकों को राहत मिल सके।

    ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मरम्मत में तेजी लाने के साथ ही वैकल्पिक मार्ग को यातायात योग्य बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। एक माह से जारी परेशानी अब लोगों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है।

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