मानव जीवन को सार्थक बनाने कर्मों की शुद्धि जरूरी, आचार्यश्री के सानिध्य में 15 अगस्त से ज्ञान गंगा महोत्सव का आगाज
भीलवाड़ा। राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में चातुर्मास की धर्म साधना निरंतर जारी है। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से पहली बार भीलवाड़ा में चातुर्मास कर रहे आचार्यश्री के दर्शन और धर्म संदेश श्रवण के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
शाम 7 से 8 बजे तक सूर्यमहल में आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
हमारे कर्म ही तय करेंगे हमारी गति
आचार्य पुलकसागरजी महाराज ने सोमवार सुबह सूर्यमहल में धर्म संदेश देते हुए कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें मानव भव प्राप्त हुआ है। मनुष्य जीवन मिलने के बावजूद हम मोक्ष की कामना तो करते हैं, लेकिन स्वयं को कषायों से मुक्त नहीं कर पाते।
उन्होंने कहा कि जब तक मोह, माया, राग और द्वेष जैसी कषायों का त्याग नहीं किया जाएगा, तब तक हमारी गति नहीं सुधर सकती। हमारे कर्म ही हमारी गति तय करेंगे।
आचार्यश्री ने कहा कि लक्ष्य से भटक जाने के कारण मनुष्य दुर्लभ मानव भव को भी सार्थक नहीं कर पाता। यदि मोह का आवरण आत्मा से हट जाए तो व्यक्ति आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि मन, वचन और काया तीनों की शुद्धि होने पर आत्मा कर्मों से हल्की होगी। कर्मों का क्षय होने पर ही आत्मा का भव भ्रमण समाप्त होगा और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा।
कर्मों पर चिंतन करने की जरूरत
आचार्य पुलकसागर महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह चिंतन करना चाहिए कि वह जो कर्म कर रहा है, वे उसे किस गति की ओर ले जाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि कर्मों के आधार पर चार गतियां—नरक, तिर्यंच, मनुष्य और देव गति—प्राप्त होती हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक कर्मों का क्षय नहीं होगा, तब तक भव भ्रमण समाप्त नहीं हो सकता। इसलिए मनुष्य को अपने आचरण, विचार और व्यवहार को शुद्ध करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए।
15 अगस्त से शुरू होगा ज्ञान गंगा महोत्सव
आचार्य पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक सर्व समाज के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का आगाज 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस के अवसर पर दोपहर 2 बजे जश्ने आजादी कार्यक्रम के रूप में होगा।
इस अवसर पर आचार्य पुलकसागर महाराज भीलवाड़ावासियों को राष्ट्रभक्ति का संदेश देंगे। महोत्सव को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां जारी हैं।
चातुर्मास समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि ज्ञान गंगा महोत्सव में भीलवाड़ा के साथ राजस्थान और देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु आचार्यश्री के मुखारविंद से धर्म एवं जीवन मूल्यों से जुड़े प्रवचन सुनेंगे।
विशेष आयोजनों से सजेगा ज्ञान गंगा महोत्सव
ज्ञान गंगा महोत्सव के दौरान कई विशेष आयोजन होंगे। 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस, 19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव का उद्देश्य धर्म, ज्ञान, संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश सर्व समाज तक पहुंचाना है।
14 अगस्त तक सूर्यमहल में होंगे प्रवचन
चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि सूर्यमहल में आचार्यश्री के सानिध्य में 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8:30 से 10 बजे तक प्रवचन आयोजित होंगे। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की गई है।
श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट के साथ हुई। इसका सौभाग्य संपतराज, राजकुमारी, सन्मति एवं पूजा कासलीवाल परिवार ने प्राप्त किया।
चातुर्मास के दौरान सूर्यमहल में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच धर्म साधना, प्रवचन और आनंद यात्रा का क्रम जारी है। आगामी ज्ञान गंगा महोत्सव को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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