दो ग्राम विकास अधिकारियों को चार्जशीट के निर्देश, शिकायत निस्तारण में बरती जा रही थी ढिलाई
जयपुर। पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने सोमवार को सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) स्टेट कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने 24 शिकायतों में से 11 मामलों में परिवादियों से सीधे बातचीत की। इनमें से 2 परिवादियों ने संतुष्टि जताई, जबकि शेष मामलों में असंतोष सामने आने पर उन्होंने शिकायतों को पुनः खोलने (रीओपन) के निर्देश दिए।
सीकर जिले के फतेहपुर पंचायत समिति के नबीपुरा गांव में साफ-सफाई की शिकायत पर संतोषजनक कार्य नहीं मिलने पर संबंधित ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ 17 सीसीए के तहत चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह टोंक जिले की उनियारा पंचायत समिति के सेदरी गुजरान गांव में एक वर्ष से लंबित मकान पट्टा प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर संबंधित ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भी 17 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए गए।
संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में विभाग से संबंधित 2,93,802 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 2,80,996 का निस्तारण किया जा चुका है, जो 95.64 प्रतिशत है।
डॉ. जोगाराम ने हेल्पलाइन में कार्यरत अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित और गंभीर शिकायतों की सूचना संबंधित अधिकारियों को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से तुरंत भेजी जाए, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के शासन सचिव निर्धारित तिथियों पर हेल्पलाइन कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर सीधे संवाद कर रहे हैं।
इस अवसर पर विभाग के राज्य नोडल अधिकारी रामचंद्र सैनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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