बातचीत में होर्मुज को लेकर ट्रंप–मोदी ने 40 मिनट तक की चर्चा, वैश्विक हालात पर नजर
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी बवाल के बीच डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच लगभग 40 मिनट तक फोन पर अहम बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की।
नई दिल्ली में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की गंभीर स्थिति और उसके वैश्विक प्रभावों पर विचार-विमर्श किया। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी के फैसले के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इस कदम से होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति इसी रास्ते से होती है।
होर्मुज में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी देखने को मिला है। ईंधन की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर भारत समेत कतर, यूएई और कुवैत जैसे देशों पर पड़ रहा है।
राजनयिक स्तर पर इस बातचीत को भारत-अमेरिका संबंधों के पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है। व्यापारिक मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।
राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, आने वाले समय में ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच बड़े समझौते हो सकते हैं। वहीं एस. जयशंकर और मार्को रुबियो भी लगातार संपर्क में हैं। अगले महीने रुबियो के भारत दौरे और क्वाड देशों की बैठक की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और मोदी के बीच यह बातचीत केवल मौजूदा संकट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलती वैश्विक परिस्थितियों में एक मजबूत और स्थिर साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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