अहमदाबाद: शहर के रामोल क्षेत्र में शनिवार को एक अवैध पटाखा कारखाने में अचानक आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें कम से कम 10 श्रमिकों की जान चली गई। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस कारखाने का लाइसेंस समाप्त होने के बाद इसे पूर्व में ही सील कर दिया गया था, किंतु संचालक द्वारा गुप्त रूप से इसे पुनः संचालित किया जा रहा था।डीसीपी मयूर पाटिल ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि रामोल स्थित इस अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 10 लोगों की असमय मौत हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कारखाने का लाइसेंस 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो चुका था, जिसके चलते प्रशासन ने इसे बंद कराकर परिसर को सील कर दिया था।
रथ यात्रा की व्यस्तता का उठाया अनुचित लाभ
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हाल ही में आयोजित रथ यात्रा के दौरान पुलिस बल की सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्तता का फायदा उठाकर संचालकों ने अवैध रूप से सील खोलकर काम शुरू करने की कोशिश की। इसी दौरान यह भयावह दुर्घटना घटित हुई। डीसीपी पाटिल ने कहा कि इस प्रकार की त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिना अनुमति चल रही इकाइयों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ा गया है।
अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर, जांच जारी
भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने भूमि स्वामियों से अपील की है कि वे अपनी संपत्ति पर बिना वैध लाइसेंस संचालित हो रहे परिसरों के विरुद्ध सख्त कदम उठाएं। इसके बाद कई भू-स्वामियों ने अवैध ऑपरेटरों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल अहमदाबाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम बिना अनुमति बने ढांचों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की निगरानी कर रही है, वहीं हादसे की विस्तृत जांच जारी है।


